चेयरमैन जेपीएस राठौर ने बुधवार को खुद वायु प्रदूषण की स्थिति और की गई कार्रवाई की समीक्षा की। राजधानी में लगातार बढ़ रहे वायु प्रदूषण और देश में पहले और दूसरे स्थान पर बने होने के चलते तुरंत आवश्यक कार्रवाई कर हवा को सेहतमंद बनाने के निर्देश भी उन्होंने अधिकारियों को दिए।
राठौर का कहना है कि हवा की गुणवत्ता की निगरानी और इस संबंध में कार्रवाई से जुड़े अधिकारियों से सीधे उन्होंने बात की है। उन्हें बताया गया कि लखनऊ में 29 बड़े बिल्डिंग प्रोजेक्ट के अलावा गोमतीनगर स्टेशन पर चल रहे काम से हवा के प्रदूषित होते मिलने पर नोटिस जारी किए जा चुके हैं।
वायु प्रदूषण न हो, इसके लिए यूपीपीसीबी यहां लगातार निगरानी भी कर रहा है। कूड़ा-कचरा जलाने पर भी पाबंदी सख्ती से लगाई गई है। चेयरमैन का कहना है कि नगर निगम, ट्रैफिक पुलिस, रेलवे को भी साथ लेकर वायु प्रदूषण के नियंत्रण को प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
सेंटर फॉर एनवायरमेंट एंड एनर्जी डवलपमेंट (सीड) संस्था ने वायु प्रदूषण को मुद्दा बनाने के लिए अन्य संस्थाओं के साथ मिलकर क्लीन एयर इंप्लीमेंटेशन नेटवर्क बनाया है। लखनऊ में इसके लिए बुधवार को कार्यक्रम भी हुआ। इसमें मेयर संयुक्ता भाटिया मुख्य अतिथि रहीं।
संस्था के सीईओ रमापति कुमार ने बताया कि नेटवर्क लखनऊ सहित 15 शहरों में स्वच्छ वायु कार्यक्रम पर काम करेगा। इसमें वायु प्रदूषण कम करने को जरूरी तरीकों को जमीनी हकीकत के साथ कराया जाएगा। लखनऊ जैसे शहरों की हवा में पीएम10 का सालाना औसत 217 माईक्रो ग्राम प्रति घनमी तक मिल रहा है, जो खतरनाक है। हमें समझना होगा कि वायु प्रदूषण से समय से पहले मौतें हो रही हैं।
लखनऊ में बुधवार को फिर वायु प्रदूषण बढ़ गया। मंगलवार को 269 रहा एक्यूआई बुधवार को 273 हो गया। तालकटोरा और लालबाग में वायु प्रदूषण बहुत खराब बना हुआ है। बुधवार को भी यहां एक्यूआई 300 के ऊपर रिकॉर्ड हुआ है।
कहां, कितना एक्यूआई?
क्षेत्र एक्यूआई हवा की स्थिति
तालकटोरा 346 लाल, बहुत खराब
अलीगंज 267 गहरा पीला, खराब
लालबाग 341 लाल, बहुत खराब
गोमतीनगर 112 पीला, सुधरी हुई