बेसिक शिक्षा विभाग ने भी निशुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा का अधिकार (आरटीई ) अधिनियम के तहत मिलने वाले निशुल्क दाखिलों में थर्ड जेंडर को मान्यता देने का फैसला किया है।
विभाग के सचिव एचएल गुप्ता ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिया है। आरटीई अधिनियम के तहत अभी तक यह व्यवस्था केवल मेल व फीमेल वर्ग के बच्चों के लिए लागू थी।
नियमावली में शामिल न होने के कारण थर्ड जेंडर वर्ग के बच्चों के दाखिले के लिए कोई निर्देश नहीं था।
सुप्रीम कोर्ट के 15 अप्रैल 2014 के आदेश के मद्देनजर बेसिक शिक्षा विभाग ने सामाजिक और आर्थिक रूप से पिछड़े समुदाय में आने वाले थर्ड जेंडर के बच्चों को आरटीई के तहत निशुल्क दाखिला देने संबंधी आदेश जारी कर दिया है।
इससे पहले उत्तर प्रदेश प्राविधिक विश्वविद्यालय (यूपीटीयू) और लखनऊ विवि ने इस साल से थर्ड जेंडर को अपने यहां एडमिशन में मान्यता देने की शुरुआत की है।