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UP: दूसरों के नाम से सिम खरीदकर बुरका पहनकर एटीएम से निकालते थे पैसे, चार गिरफ्तार किए गए

Sun, 09 Nov 2025 05:15 PM IST
ishwar ashish अमर उजाला नेटवर्क, बाराबंकी

सार

शातिर गिरोह के खुलासे से पुलिसकर्मी भी दंग रह गए। अपराधी लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ देने की बात कहकर बुलाते थे और ठगी करते थे।
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- फोटो : amar ujala
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विस्तार
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बाराबंकी के कोठी कस्बे में जनसेवा केंद्र पर बुजुर्गों के मोबाइल फोन से सिम निकालकर ठगी करने वाले शातिर गिरोह का खुलासा पुलिस ने किया है। गिरोह का तरीका इतना चालाकी भरा था कि यह लोग दूसरे के नाम पर सिम खरीदकर बुजुर्गों के नाम पर यूपीआई आईडी बनाते थे और फिर बुरका पहनकर लखनऊ में एटीएम से रुपये निकालते थे।

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एसपी अर्पित विजयवर्गीय ने रविवार को पुलिस लाइन सभागार में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि अजोवा गांव के बुजुर्ग जगदीश शरण के बैंक खाते से 1.19 लाख रुपये निकाले जाने की शिकायत पर जांच शुरू की गई थी। साइबर सेल और कोठी पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई कर गिरोह के चार सदस्यों इनायतपुर निवासी रंजीत कुमार, कुतुबापुर निवासी सलीम, अजोवा निवासी नौमीलाल और नौबस्ता गांव के सिम विक्रेता हेमंत श्रीवास्तव को गिरफ्तार किया।

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रंजीत कोठी में पंजाब नेशनल बैंक के पास जनसेवा केंद्र चलाता था। वहां आने वाले बुजुर्गों के मोबाइल फोन से सिम बदलकर वह अपने साथियों के साथ मिलकर ठगी करता था। यूपीआई आईडी बनाने के लिए जिन सिम कार्डों का इस्तेमाल किया जाता था, वे हेमंत श्रीवास्तव की दुकान से खरीदे गए फर्जी सिम होते थे। पुलिस ने आरोपियों के पास से 38 मोबाइल फोन, लैपटॉप, प्रिंटर, लाखों रुपये की मोबाइल एक्सेसरीज और 30 हजार रुपये नकद बरामद किए हैं।

सरकारी योजनाओं का लालच देकर बुलाते थे जन सेवा केंद्र
पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपी नौमीलाल सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने का झांसा देकर लोगों को जनसेवा केंद्र बुलाता था। वहां रंजीत उनके मोबाइल फोन से सिम निकालकर अपने गिरोह के माध्यम से ठगी करता था। बरामद सामान साइबर ठगी से अर्जित धन से खरीदा गया है। 

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