विधानसभा चुनाव में मतदाता चुनाव आयोग की ओर से जारी वोटर आईडी या पहचान के लिए 12 अन्य दस्तावेज दिखाकर वोट डाल सकेंगे। चुनाव में फर्जी मतदान रोकने के लिए आयोग अभी से सक्रिय हो गया है। आयोग ने पहचान के लिए वोटर आईडी के अलावा पासपोर्ट और पैन कार्ड समेत 12 दस्तावेज मान्य किए हैं।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी टी. वेंकटेश ने बताया कि मतदान के दिन वोटरों को अपनी पहचान सिद्ध करने के लिए वोटर आईडी के अलावा आयोग द्वारा मान्य किए गए 12 दस्तावेजों में से किसी एक को प्रस्तुत करना होगा।
पहचान के लिए आयोग ने जिन दस्तावेजों को मान्य किया है उनमें आधार कार्ड, पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस, पैन कार्ड, सार्वजनिक उपक्रम या पब्लिक लिमिटेड कंपनी द्वारा जारी फोटोयुक्त पहचान पत्र, बैंक या पोस्ट ऑफिस की फोटोयुक्त पासबुक, आरजीआई एवं एनपीआर द्वारा जारी स्मार्ट कार्ड, मनरेगा जॉब कार्ड, श्रम मंत्रालय की योजना के अंतर्गत जारी स्वास्थ्य बीमा स्मार्ट कार्ड, फोटोयुक्त पेंशन दस्तावेज, चुनाव आयोग की ओर से जारी प्रामाणिक फोटो मतदाता पहचान पर्ची तथा सांसदों, विधायकों व विधान परिषद सदस्यों को जारी सरकारी पहचान पत्र शामिल हैं।
आयोग ने स्पष्ट किया है कि मतदाता फोटो पहचान पत्र में लेखन व वर्तनी की अशुद्धि को नजरंदाज किया जाएगा बशर्ते उससे मतदाता की पहचान सुनिश्चित हो सके। प्रवासी मतदाता जिनका नाम वोटर लिस्ट में उनके पासपोर्ट के विवरणों के आधार पर दर्ज है, वे केवल मूल पासपोर्ट दिखाकर वोट डाल सकेंगे। इन्हें किसी अन्य दस्तावेज के आधार पर वोट डालने की अनुमति नहीं दी जाएगी।