रायबरेली। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद की वर्ष 2025 में होने वाली हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा के लिए केंद्र निर्धारण की प्रक्रिया पूरी हो गई है। यूपी बोर्ड ने परीक्षा केंद्रों की अंतिम सूची जारी कर दी है। जिसमें अब कोई बदलाव नहीं होगा। जिले के 109 परीक्षा केंद्रों में 72,819 परीक्षार्थी इग्जाम देंगे। परीक्षा केंद्रों में सीसीटीवी कैमरों, स्ट्रांग रूम समेत अन्य व्यवस्थाएं जल्द पूरी कर ली जाएंगी। जिससे अगले महीने से ऑनलाइन निगरानी का ट्रायल हो सके।
यूपी बोर्ड ने 11 नवंबर को परीक्षार्थी आवंटन सहित 105 परीक्षा केंद्रों की अनंतिम सूची जारी की थी, जिस पर 14 नवंबर तक आपत्तियां मांगी गई थीं। इसके बाद आईं 70 से अधिक आपत्तियों और प्रत्यावेदनों का निस्तारण कराया गया। जिला स्तरीय परीक्षा केंद्र निर्धारण समिति के अनुमोदन के बाद आख्या यूपी बोर्ड भेजी गई, जिसमें अनंतिम सूची में शामिल चार परीक्षा केंद्र दुर्गा इंटरमीडिएट कॉलेज, आश्रम पद्धति विद्यालय, सुभाषचंद्र बोस इंटर कॉलेज और संत इंटर कॉलेज अलग-अलग कारणों से हटाए गए। परीक्षार्थियों की संख्या को देखते हुए आठ नए विद्यालयों को परीक्षा केंद्र प्रस्तावित किया गया।
जिला समिति के अनुमोदन के बाद 109 परीक्षा केंद्रों की सूची यूपी बोर्ड को भेजी गई। जिस पर यूपी बोर्ड ने मुहर लगाते हुए 2 दिसंबर को फिर से प्रस्तावित सूची जारी की। आपत्ति दर्ज कराने का एक मौका और दिया गया। ये आपत्तियां 6 दिसंबर तक सीधे परिषद कार्यालय मंगाई, जिनका निस्तारण करने के बाद अंतिम सूची जारी हुई। जिला स्तर से अनुमोदित सूची में कोई बदलाव नहीं हुआ और 109 परीक्षा केंद्रों को ही अंतिम रूप दे दिया। अब परीक्षा केंद्रों में बदलाव नहीं होगा। इन्हीं केंद्रों में 24 फरवरी से 12 मार्च तक होने वाली परीक्षा में हाईस्कूल के 37,951 और इंटर के 34,868 परीक्षार्थी परीक्षा देंगे।
तहसील क्षेत्रवार
बने परीक्षा केंद्र
सदर 27
लालगंज 18
महराजगंज 19
ऊंचाहार 14
सलोन 15
डलमऊ 16
इस श्रेणी के विद्यालय
बनाए गए परीक्षा केंद्र
राजकीय: 13
सहायता प्राप्त : 38
वित्तविहीन: 58
परीक्षा केंद्रों की अंतिम सूची जारी हो चुकी है। परीक्षा केंद्रों में सभी जरूरी व्यवस्थाएं सुनिश्चित कराई जाएंगी। सीसीटीवी कैमरों को क्रियाशील कराने के साथ स्ट्रांग रूम बनवाया जाएगा। परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया जाएगा, ताकि सभी कमियां पूरी कराई जा सके।
-संजीव कुमार सिंह, डीआईओएस।