लखनऊ। छात्रवृत्ति फॉर्म अग्रसारित करवाने की तिथि बढ़ाने को लेकर लखनऊ विश्वविद्यालय में बृहस्पतिवार को छात्रों ने दो घंटे तक जमकर हंगामा-प्रदर्शन किया। समाजवादी छात्रसभा से जुड़े कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए प्रशासनिक भवन पर ताला जड़ दिया। ऐसे में रजिस्ट्रार समेत अन्य कर्मचारी एक घंटे तक बंद रहे।
एनएसयूआई ने कैशियर कार्यालय पर हंगामा किया। इस दौरान मांग उठाई गई कि विवि प्रशासन छात्रों के लिए जारी किए गए घोषणापत्र को तत्काल रद्द करे और फॉर्म अग्रसारित करने की तिथि बढ़ाए। समाजवादी छात्रसभा की लविवि इकाई के अध्यक्ष प्रिंस यादव ने बताया कि इस घोषणापत्र में लिखा है कि छात्र अपना फॉर्म तिथि बीतने के बाद जमा कर रहा है। ऐसे में अगर किन्हीं कारणों से फॉर्म अग्रसारित नहीं होता है तो सारी जिम्मेदारी छात्र की होगी। यह तानाशाही है। प्रिंस ने कहा कि फॉर्म में त्रुटि दिखाने के कारण छात्रों को संशोधन में समय लगा। ऐसे में छात्रवृत्ति अनुभाग सभी छात्रों के फॉर्म को अग्रसारित करे और घोषणापत्र देने का फैसला वापस ले।
एनएसयूआई से जुड़े आर्यन मिश्रा ने बताया कि छात्रों की ओर से फॉर्म सही करके जमा करने पर भी छात्रवृत्ति स्टेटस गलत दिखा रहा है। इसके अलावा आय प्रमाणपत्र, बोर्ड का रोलनंबर, एनरोलमेंट नंबर गलत दिखाने जैसी समस्याएं आ रही हैं। सभी छात्रों की 75 फीसदी उपस्थिति बताई जा रही है, जो पूरी तरह से व्यवहारिक नहीं है। विवि तकनीकी त्रुटियों को भी छात्रों की गलती मान रहा है, जो उचित नहीं है।
प्रदर्शन करने वालों में एनएसयूआई से अहमद राजा खान, शुभम खरवार, इकाई अध्यक्ष सुधांशु राणा, विशाल, प्रिंस, हर्षित, रंजीत, अली शामिल रहे। छात्रसभा से राष्ट्रीय सचिव अभिषेक श्रीवास्तव, इकाई महासचिव रजत अग्रहरि, प्रदेश सचिव अक्षय यादव, हरीश रावत, विपुल यादव, शिवा जी यादव, रोहित यादव, आदित्य पांडे, अनुराग यादव, सुरयांश आर्यन, नीतीश, अक्षत पांडे, जतिन यादव, शिवपूजन पांडे, आयुष यादव, अनुराग चौधरी आदि उपस्थित रहे।
प्राक्टोरियल बोर्ड से नोकझोंक
लविवि में दो जगह बड़ी संख्या में छात्रों के धरना-प्रदर्शन से प्राक्टोरियल बोर्ड के हाथ-पैर फूल गए। प्रॉक्टर प्रो. राकेश द्विवेदी टीम के साथ छात्रों को समझाने पहुंचे। छात्र मानने को तैयार नहीं हुए तो तीखी नोकझोंक भी हो गई। हालांकि, बाद में छात्रों ने कुलसचिव को मांगपत्र सौंपने के साथ प्रदर्शन खत्म कर दिया।