लखनऊ। मोहनलालगंज में धर्मांतरण गिरोह के पकड़े जाने के बाद पता चला है कि गिरोह का मकसद इलाके की जनसांख्यिकी में बदलाव करना था। काफी हद तक गिरोह इसमें कामयाब भी हुआ। यही वजह है कि गिरोह में शामिल लोग किसी एक गांव तक सीमित नहीं रहे। गौरा से लेकर भोला खेड़ा, शिवलर, बख्तौरी खेड़ा, शहजादपुर भदेसुवा, भरसवा समेत अन्य गांवों में गिरोह सक्रिय रहा।
पुलिस ने इससे पहले निगोहां से मलखान सिंह को गिरफ्तार किया था। पूछताछ में आरोपी ने धर्मांतरण कराने की बात कबूल की थी। गिरफ्तारी के बाद खुफिया एजेंसियों ने भी इलाके के कई गांवों में छानबीन की थी। उस समय मलखान के अन्य साथियों पर कार्रवाई की बात कही गई थी, लेकिन कुछ समय बाद जांच आगे नहीं बढ़ सकी।
अब गिरोह के सरगना डेनियल समेत सात लोगों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने दोबारा जांच तेज कर दी है। पुलिस ने कई ग्रामीणों के बयान दर्ज किए हैं। पुलिस के अनुसार, डेनियल के खाते में हर महीने चार हजार रुपये भेजे जाते थे। वह चर्च के खातों में ही रकम मंगाता था। गिरोह सरोजनीनगर के भटगांव में भी सक्रिय था। वहां कई परिवार ऐसे हैं, जिन्होंने धर्म बदल लिया है।
धर्म बदला और चले गए बाहर
पड़ताल में सामने आया है कि इलाके के कई लोग ऐसे हैं जिन्होंने धर्म बदलने के बाद गांव छोड़ दिया। स्थानीय लोगों का कहना है कि धर्मांतरण गिरोह ऐसे लोगों को दूसरे राज्यों में बसा देता था। इसके लिए उन्हें मोटी रकम दी जाती थी, जिससे वे दूसरे राज्यों में संपत्ति खरीदते थे। सूत्रों के मुताबिक ऐसे लोगों को दलित परिवार के लोगों का धर्मांतरण कराने का जिम्मा सौंपा जाता था। गांव से पलायन करने वाले लोगों के बारे में भी पुलिस छानबीन कर रही है।