उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा के अनुसार राजधानी में एक साल में 191.75 करोड़ की बिजली चोरी पकड़ी गई। प्रदेश में 75 जिले हैं, यदि लखनऊ में इतनी चोरी है तो पूरे प्रदेश का आंकड़ा हजारों करोड़ तक हो सकता है। बिजली निगम अब तक यह स्पष्ट नहीं कर पाया है कि कितनी वसूली हुई है और वसूली में फेल साबित हुए अफसरों व इंजीनियरों कह क्या जवाबदेही तय की गई।
एक लाख से अधिक जगहों पर चोरी
लखनऊ की 50 लाख आबादी में 14.5 लाख कनेक्शनधारक हैं, जिनमें से करीब 20% उपभोक्ता मीटर में गड़बड़ी कर बिजली चोरी कर रहे हैं। अनुमान है कि शहर में एक लाख से अधिक जगहों पर बिजली चोरी हो रही है। यह चोरी नियोजित तरीके से झुग्गी-झोपड़ी व खाली प्लॉटों में की जा रही है। कई जगहों पर तो स्थानीय प्रभावशाली लोगों और अधिकारियों की मिलीभगत से यह धंधा चल रहा है। चौक, हुसैनाबाद, ठाकुरगंज, सहादतगंज और ऐशबाग जैसे क्षेत्रों में कुछ हद तक नियंत्रण पाया गया है, मगर बाकी इलाकों में अफसरों की रुचि न होने से हालात जस के तस हैं।
आंकड़ों में बिजली का उपभोग
14.50 लाख राजधानी में कुल उपभोक्ता
80-85 फीसदी शहरी प्रतिमाह भरते हैं बिल
55-60 फीसदी ग्रामीण प्रतिमाह भरते बिल
| जोन |
चोरी के मामले |
जुर्माना |
वसूली |
| अमौसी |
6096 |
142.13 करोड़ |
1.66 करोड़ |
| लखनऊ मध्य |
804 |
30.89 करोड़ |
2.18 करोड़ |
| जानकीपुरम |
1502 |
13.26 करोड़ |
93.57 लाख |
| गोमतीनगर |
590 |
5.47 करोड़ |
35.26 लाख |
(नोट : आंकड़े 1 अप्रैल 2024 से 31 मार्च 2025 तक की अवधि के... स्रोत : लेसा)
बिजली की प्रस्तावित नई दरें: घरेलू कनेक्शन
- 100 यूनिट बीपीएल के लिए तीन की जगह चार रुपये
- 100 यूनिट तक के लिए 5.50 की जगह 6.50 रुपये
- 101 से 150 यूनिट तक 5.50 के बजाय आठ रुपये
- 151-300 यूनिट तक छह की जगह आठ रुपये
- 300 यूनिट से ज्यादा के लिए 6.50 के बजाय नौ रुपये
वाणिज्यिक कनेक्शन: एक से चार किलोवाट के उपभोक्ता को 7.50 व 8.40 रुपये प्रति यूनिट की जगह सीधे 9.50 रुपये
(नोट : कॉरपोरेशन का फिक्स चार्ज को बढ़ाने का प्रस्ताव भी है।)
मध्यांचल विद्युत वितरण निगम, लखनऊ के निदेशक वाणिज्य योगेश कुमार का कहना है कि बिजली चोरी के जुर्माने की रकम न वसूलना गंभीर लापरवाही है। पूरे मामले की जांच कराई जाएगी और दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।