लखनऊ। हर रविवार को लगने वाले जन आरोग्य मेले में एमबीबीएस डॉक्टर की तैनाती तक अफसर नहीं कर पा रहे हैं। जबकि मेले में कुशल विशेषज्ञ की तैनाती का नियम था। मेले में खून से जुड़ी जांच के इंतजाम तक नहीं है। ऐसे में मरीजों को जांच के लिए दूसरे केंद्र पर भेजा जा रहा है। इसे लेकर कई केंद्रों की पड़ताल की गई तो सच सामने आया।
स्थान- पीएचसी केशवनगर
समय- दोपहर 1 बजे
पीएचसी पर छह-सात मरीज इलाज के लिए आए थे। केशवनगर के रहने वाले मरीज सुनील कुमार ने डॉक्टर को दिखाया। डॉक्टर ने मर्ज के आधार पर पर्चे पर कई दवा लिखी। इसके अलावा खून से जुड़़ी जांच सीबीसी, एलएफटी समेत अन्य जांच लिखी। पीएचसी पर तैनात लैब टेक्नीशियन गायब मिले। मरीज को जांच के लिए बलरामपुर या अलीगंज सीएचसी जाने की सलाह दी गई। ऐसी स्थिति सभी मरीजों की थी। जिन्हें जांच के लिए दूसरे अस्पताल भेजा जा रहा था।
स्थान- पीएचसी पकरा माल
समय-दोपहर 1 बजे
माल के पकरा बाजार गांव की पीएचसी पर लगे आरोग्य मेले में कोई भी एमबीबीएस डॉक्टर नहीं था। आयुष चिकित्सक डॉ. जैनब खातून मरीजों को देख रही थीं। दोपहर 1 बजे तक 107 मरीज देखे गए हैं। तीन रोगी को खून से जुड़ी जांच के लिए सीएचसी रेफर किया गया। पीएचसी पर सिर्फ कार्ड टेस्ट से होने वाली जांच की सुविधा है। ऐसे में मरीजों को जांच के लिए करीब सात किमी दूर जाना पड़ रहा है।
स्थान - कठवारा पीएचसी बीकेटी
समय - 2 बजे
बीकेटी के कठवारा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर एमबीबीएस व आयुर्वेद डॉक्टरों के जरिये मरीजों को देखा जा रहा था। एमबीबीएस डॉक्टर शब्बन अली और महिला आयुष डॉ. ममता राजपूत के जरिये 25 मरीजों की खून की जांच कराई गई। मेला प्रभारी डॉ. शब्बन अली ने बताया कि पीएचसी में प्रसव की भी सुविधा उपलब्ध है। पिछले माह एक प्रसव भी कराया गया। कठवारा निवासी पप्पू ने बताया कि वह कई दिन से बुखार से ग्रस्त हैं उन्हें मेले में दवा तो मिल गई मगर जांच तक नहीं कराई गई।