मार्ग प्रकाश लाइटों की मरम्मत में लगातार लापरवाही की शिकायत मिलने के बाद शुक्रवार को ईईएसएल कंपनी से काम छीन लिया गया।
अब स्ट्रीट लाइट का काम नगर निगम खुद कराएगा। इसके अलावा स्मार्ट सिटी योजना में सीवर लाइन बिछाने के लिए जो भी सड़कें खोदी गई हैं उन्हें जल निगम 30 दिसंबर तक बना देगा।
जल निगम के मुख्य अभियंता ने यह वादा केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय के राज्यमंत्री कौशल किशोर द्वारा बुलाई गई विशेष बैठक में किया।
शहर के अन्य हिस्सों को भी स्मार्टसिटी योजना में शामिल किए जाने को लेकर मंत्री ने मंडलायुक्त को प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए।
शहर के विकास कार्यों को लेकर एक सप्ताह में केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय के राज्य मंत्री कौशल किशोर की दूसरी बैठक थी। इसमें भी विशेष रूप से भाजपा पार्षद, महापौर, मंडलायुक्त, नगर निगम और जल निगम के अफसर शामिल हुए।
पार्षदों ने स्ट्रीट लाइटों की मरम्मत में लापरवाही करने वाली कंपनी ईईएसल की शिकायत की। बताया कि कंपनी मरम्मत नहीं करती है। नगर निगम कर्मचारी काम न करें तो लाइटें ठीक न हों।
मंत्री ने ईईएसएल कंपनी के काम करने पर रोक लगा दी और अधिकारियों को निर्देश दिए कि कर्मचारियों से काम कराएं।
कैसरबाग के अलावा स्मार्ट सिटी योजना में पुराने लखनऊ सहित शहर के अन्य इलाकों को शामिल करने को लेकर प्रस्ताव तैयार करने की जिम्मेदारी राज्य मंत्री ने मंडलायुक्त को दी है।
इसके बाद केंद्र से बजट पास कराया जाएगा। इसके अलावा तय किया गया कि सभी पार्षद अपनी समस्याएं महापौर को लिखकर देंगे। महापौर उनकी समस्याओं को मंडलायुक्त तक पहुंचाएंगी और वह परीक्षण कराकर निस्तारण कराएंगे।
अतिरिक्त बजट की मांग
नगर निगम में भाजपा पार्षद दल के सचेतक विजय गुप्ता और नगर निगम कार्यकारिणी उपाध्यक्ष रजनीश गुप्ता ने केंद्रीय मंत्री से मांग रखी कि राजधानी होने के चलते नगर निगम को शहर के रखरखाव पर अधिक पैसा खर्च करना पड़ता है। इसलिए अलग से अधिक बजट दिया जाए।
नगर निगम को रोड कटिंग का मिले अधिकार
पार्षदों ने यह सवाल भी उठाया कि रोड कटिंग करने के बाद जल निगम सड़कें सही से नहीं बनवा रहा है। काम इतना घटिया हो रहा है कि सड़क बनते ही धंस जा रही हैं। लोक निर्माण विभाग की तरह जल निगम रोड कटिंग का पैसा दे ताकि मरम्मत का काम नगर निगम करवा सके ।