पूर्व बीडीसी की हत्या की सूचना पर उनके भाई सतीश मौके पर पहुंचे थे। भाई ने ससुराल वालों पर मनीष की हत्या किए जाने का शक जताया था। घटनास्थल पर पुलिस जब मौके पर पहुंची तो पत्नी उस तरह गमगीन नहीं दिखी, जैसे पति की हत्या होने पर अममून पत्नी का चीखना चिल्लाना होता है।
ससुराल वाले भी मौके पर घटनास्थल पर आने से बच रहे थे। भाई के घटना पर संदेह जताने और ससुराल वालों की हरकतों से पुलिस का शक रूबी पर गया। पुलिस ने रूबी को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की तो उसने प्रेमी के साथ मिलकर पति की हत्या को अंजाम देने की बात स्वीकार कर ली।
रूबी अपने प्रेमी के साथ मिलकर काफी समय से पति को ठिकाने लगाने की साजिश रच रही थी। एक माह पहले आरोपी सुनील बिहार प्रांत के गया से 25 हजार रुपये में 32 बोर की पिस्टल खरीदी थी। उसने पहले से ही तय कर लिया था कि वह मनीष की हत्या कर देगा। पुलिस के मुताबिक आरोपी ने पूर्व बीडीसी को दो गोली मारी थी। दोनों गोली सीने के नीचे हिस्से में लगी थी, जिससे वह खून से लथपथ हो गए थे और उनकी मौके पर ही मौत हो गई थी।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गोली मारकर पूर्व बीडीसी की हत्या का खुलासा हुआ तो पुलिस भी दंग रह गई। पुलिस के मुताबिक जांच के दौरान पता चला कि मंदिर में जागरण कार्यक्रम था। जिस समय घटना हुई, उस जागरण चल रहा था। ऐसे में फायरिंग की आवाज लोगों तक नहीं पहुंच पाई जबकि गांव से करीब 200 मीटर दूरी पर ही यह घटना हुई थी। आरोपी सुनील कानपुर नगर के एक होटल में वेटर का काम करता था।