लखनऊ। पानी की कमी के चलते तीसरे जलकल से इंदिरा और गोमतीनगर को की जाने वाली पेयजल आपूर्ति में तीन घंटे की कटौती सोमवार से शुरू कर दी गई है। यह समस्या कठौता झील को पानी देने वाली शारदा सहायक नहर के 16 मई से बंद होने के चलते आई है। जिससे अब करीब पांच लाख आबादी को इस भीषण गर्मी में पेयजल की किल्लत का सामना करना पड़ रहा।
गोमती नगर स्थित तीसरे जलकल से गोमती नगर और इंदिरा नगर की करीब पांच लाख आबादी को पानी की आपूर्ति की जाती है। तीसरा जलकल पूरी तरह शारदा सहायक नगर से मिलने वाले पानी पर निर्भर है। नहर से मिलने वाले पानी को जलकल की कठौता झील में लाया जाता है। झील में जमा पानी से करीब एक महीने तक ही काम चलाया जा सकता है वह भी तब जबकि कि आपूर्ति में कटौती की जाए। सामान्य तौर पर जब नहर चालू होती है तो तीसरे जलकल से इंदिरा और गोमती नगर को सुबह शाम मिलाकर 10 से 12 घंटे पानी की आपूर्ति की जाती है लेकिन नहर बंद होने से अब आपूर्ति में सुबह शाम तीन-तीन घंटे की कटौती शुरू कर दी गई है।
अब गोमती और इंदिरा नगर की टंकियों व रिजर्व वायर (भूमिगत जलाशय) को भरने के लिए सुबह और शाम करीब पाचं घंटे ही पानी की आपूर्ति झील से की जा रही है। गोमती और इंदिरा नगर को मिलाकर करीब 33 टंकिया हैं और 10 रिवर्ज वायर हैं। कठौता झील करीब 15 फिट गहरी है जिसमें अब करीब साढ़े सात फीट ही बचा है। जिससे अधिकतम एक सप्ताह ही काम चलाया जा सकता है। यदि नहीं उससे पहले नहीं चालू हुई तो संकट गहरा जाएगा।
समय से नहर से न खुली तो हो जाएगी बड़ी समस्या
जलकल के अधिशासी अभियंता अमरेंद्र कुमार का कहना है कि इस समय नलकूप चलाकर पानी की किल्लत कम करने का प्रयास किया जा रहा है। पानी की कमी के चलते इस समय कटौती की जा रही है। सिंचाई विभाग ने कहा था कि 14 जून तक पानी आ जाएगा लेकिन यदि समय पर नहर से पानी नहीं मिला तो बड़ी समस्या हो जाएगी। इस कारण सिंचाई विभाग से बात भी की गई। उन्होंने आश्वासन दिया है कि पानी समय से छोड़ा जाएगा।
कठौता झील में कम हुआ पानी।