लखनऊ। ठेकेदार से बिल के भुगतान के बदले 25 हजार की रिश्वत लेने के आरोपी कानपुर चकेरी स्थित एयरफोर्स के केंद्रीय विद्यालय के तत्कालीन प्रधानाचार्य तसददुक खान को दोषी ठहराते हुए कोर्ट ने चार साल की कैद की सजा सुनाई है। साथ ही एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगा है। सजा भ्रष्टाचार निवारण के विशेष न्यायाधीश रविंद्र कुमार द्विवेदी ने सुनाई है।
कोर्ट में सीबीआई के लोक अभियोजक ने बताया कि जयसिंह ने 23 अगस्त 2016 को लखनऊ सीबीआई में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया था कि उनकी फर्म पदमा टेंट लाइट एंड कैटर्स की एयर फोर्स स्टेशन चकेरी कानपुर के केंद्रीय विद्यालय में कैंटीन थी। साथ ही टेंट और सजावट का काम तीन साल कर रही थी। मई 2016 में वादी ने विद्यालय में कैंटीन के लिए टेंडर डाला था। इसी समय विद्यालय में वार्षिकोत्सव हुआ था। वार्षिकोत्सव मे वादी ने टेंट और सजावट का काम किया था। इसके बाद वादी की फर्म को कैंटीन का ठेका मिल गया था। मई में वादी को टेंट और सजावट के काम के बदले एक लाख 73 हजार रुपये का चेक मिला था। मगर प्रधानाचार्य टी खान ने इस भुगतान के बदले 51 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की थी। रिश्वत न देने पर दोषी ने वादी को कैंटीन में कुछ खामियां दिखाकर टेंडर रद कराने की धमकी दी थी।
वादी की इस शिकायत पर सीबीआई ने 24 अगस्त 2016 को दोषी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी। फिर सीबीआई ने प्रधानाचार्य टी खान को उसी के कार्यालय से 25 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया था। सीबीआई ने मामला दर्ज होने के बाद विवेचना की और तसददूक खान के खिलाफ 30 सितंबर 2016 चार्जशीट लगाई और चार अक्तूबर 2016 को कोर्ट में दाखिल की थी।