युवती के भाई के मुताबिक तीन अगस्त को उसकी बहन काम की बात कहकर घर से निकली और लापता हो गई। रात तक कुछ पता न चलने पर पारा थाना में उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई। इस बीच युवती के भाई ने एसएसपी कलानिधि नैथानी से संपर्क कर बहन के साथ दुराचार के बाद उसकी हत्या की आशंका जताई।
इसके बाद संजय यादव, अवधेश यादव, गुड्डू यादव, अजय यादव समेत अन्य लोगों के खिलाफ केस दर्ज करने का आदेश दिया गया।
शनिवार को पुलिस ने संजय यादव के साले सरोजनीनगर के बिजनौर निवासी गुड्डू यादव, आलमबाग के आजादनगर में रहने वाले दरोगा के बेटे अजय यादव और अवधेश यादव को पकड़ा तो पूरी कहानी खुल गई।
युवती के भाई ने बताया कि उसकी बहन ने छह साल पहले मुंबई के युवक से निकाह किया था। उसके साढ़े चार साल का एक बेटा भी है। कुछ महीने पहले उसका पति से तलाक हो गया। इसके बाद वह कांशीराम योजना में बेटे के साथ रहने लगी और घर चलाने के लिए वह संजय यादव की कंपनी में नौकरी कर रही थी।
बेटे के भविष्य के लिए कंप्यूटर ऑपरेटर से बनी थी बुकिंग एजेंट
रीयल एस्टेट कंपनी में युवती का मुख्य काम कंप्यूटर ऑपरेटर का था। मगर काफी कम वेतन होने की वजह से वह परेशान थी। वह बेटे को अच्छी पढ़ाई और बेहतर जीवन देना चाहती थी।
युवती ने संजय से बात की तो उसने प्लॉट बिकवाकर कमीशन कमाने के लिए कहा। इसके बाद युवती बुकिंग एजेंट बन गई। उसने काफी मेहनत से काम किया, इससे कंपनी को काफी फायदा हुआ।