लखनऊ। संगीत नाटक अकादमी के संत गाडगे प्रेक्षागृह में कामायनी संस्था की ओर से शुक्रवार को नृत्य नाटिका वतन के वास्ते का मंचन किया गया। ऑपरेशन सिंदूर को अंजाम देने वाले देश के सैनिकों को समर्पित इस नृत्य नाटिका का निर्देशन किया पुनीत मित्तल ने और लेखिका हैं छवि मिश्रा।
नाटिका में कथक, भरतनाट्यम और लोकनृत्य का सुंदर तालमेल दर्शाया गया। कहानी भारतीय सेना के वीर जवान कैप्टन राघव की गाथा को जीवंत करती है जो पत्नी और पुत्र को छोड़कर छुट्टियों के बीच ही जंग के लिए अपनी पलटन में शामिल हो जाते हैं। फिर शुरू होता है पत्रों के माध्यम से उनके प्रेम, संघर्ष और त्याग की सिलसिला। बीएसएफ की महिला बटालियन की प्रस्तुति को इस नृत्य नाटिका में बेहतरीन तरीके से भरतनाट्यम के जरिये प्रस्तुत किया गया। कश्मीर में आतंकवादियों के खिलाफ ऑपरेशन में कैप्टन राघव जांबाजी दिखाते हुए तीन आतंकियों को मार गिराते हैं। इस दौरान उन्हें नौ गोलियां लगती हैं और वे वीरगति को प्राप्त होते हैं।
संस्था के अध्यक्ष राजेश जायसवाल ने बताया कि यह नृत्य नाटिका देशभक्ति, बलिदान और पारिवारिक संवेदनाओं का अद्वितीय संगम रही। इस दौरान सेवानिवृत्त कर्नल एमसी जायसवाल, एलके तिवारी व राकेश जायसवाल, कैप्टन एके गुप्ता, वाईपीएन सिंह, एचके कनौजिया, कर्नल तुषार बाछिल, सूबेदार जोगेंद्र यादव का सम्मान किया गया। कलाकारों में आशीष सिंह, विनय गुज्जर, सुश्रत गुप्ता, अभिषेक गुज्जर., सर्वजीत, सीमापाल, प्रियम यादव, वंशिका शर्मा, अंशिका पाठक, दिलप्रीत कौर,, अक्षिता मिश्रा, शैलेंद्र, ईशानी कनौजिया आदि ने अपने सशक्त अभिनय से दर्शकों को बांधे रखा। नाटिका के समापन पर राष्ट्रगान हुआ तो पूरा हाल देशभक्ति के आगोश में डूब गया।