नगराम। कमालपुर विचलका से कुबहरा गांव तक 700 मीटर अधूरी सड़क के डामरीकरण से लोक निर्माण विभाग ने पल्ला झाड़ लिया है। खंड के अधिशासी अभियंता (बड़े साहब) राजेश कुमार ने मुख्य विकास अधिकारी को पत्र भेजकर कहा है कि ग्रामीण क्षेत्र में एक किलोमीटर से कम लंबाई की नई सड़क का निर्माण लोक निर्माण विभाग नहीं करता। उन्होंने वित्तीय वर्ष 2026-27 में किसी अन्य संस्था से सड़क बनवाने का सुझाव दिया है।
किसानों के मुताबिक, विभाग ने तीन सितंबर को यह पत्र भेजा था। पांच सितंबर को अधिशासी अभियंता ने प्रदर्शन कर रहे किसानों के बीच पहुंचकर समस्या का समाधान कराने का आश्वासन दिया था लेकिन वह मौके पर नहीं पहुंचे। इससे ग्रामीणों में नाराजगी है।
किसानों का आरोप है कि विभाग के अभियंता सड़क अधूरी होने के लिए वन विभाग से अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) नहीं मिलने का हवाला दे रहे हैं। सड़क का ज्यादातर हिस्सा पहले लोक निर्माण विभाग ने ही बनाया था और अब केवल 700 मीटर हिस्सा अधूरा है। आरोप है कि विभाग इस हिस्से का निर्माण कराने के बजाय मामले को टाल रहा है। इस सड़क से समेसी, शंकरखेड़ा, भवानीखेड़ा, कलंदरखेड़ा समेत करीब 35 गांवों के लोगों का ब्लॉक और तहसील मुख्यालय तक आवागमन होता है।
नाले में पलट चुकी स्कूली वैन
ग्रामीणों के मुताबिक, सड़क करीब 30 साल से अधूरी है। पिछले महीने इसी मार्ग पर स्कूली वैन नाले में पलट गई थी। हादसे में कई बच्चे चोटिल हुए थे। इसके बाद किसान सड़क के डामरीकरण की मांग को लेकर करीब 20 दिन से धरना दे रहे हैं। पर किसी भी जनप्रतिनिधि, सांसद, विधायक, ब्लॉक प्रमुख को इस सड़क की फिक्र नहीं। दिवंगत ब्लॉक प्रमुख राम स्वरूप यादव ने 40 साल पहले सड़क बनवाई थी। ग्रामीणों का कहना है कि चुनावी वर्ष में जनप्रतिनिधियों को भी समस्या के समाधान के लिए आगे आना चाहिए। उधर, वन विभाग का कहना है कि लोक निर्माण विभाग एनओसी के लिए आवेदन करे तो 24 घंटे में अनुमति जारी कर दी जाएगी।
धरना देते किसान व जर्जर सड़क।