लखनऊ। 1857 के स्वतंत्रता संग्राम में अवध की वीरांगनाओं में सबसे अहम किरदार रहीं बेगम हजरत महल की कहानी बुधवार को संगीत नाटक अकादमी के संत गाडगे प्रेक्षागृह के मंच पर उतरी। उत्तर प्रदेश उर्दू अकादमी और उत्तर प्रदेश आर्टिस्ट एसोसिएशन के संयुक्त तत्वावधान में उर्दू ड्रामा बेगम हजरत महल का मंचन किया गया। इस दौरान समाज की विभूतियों को सम्मानित भी किया गया। नाटक के लेखक वामिक खान हैं और निर्देशन यूसुफ खान ने किया।
मंचन के दौरान बेगम हजरत महल को संवेदनशील और ताकतवर शासक के रूप में दिखाया गया, जिन्होंने अंग्रेजों को नाकों चने चबाने पर मजबूर कर दिया था। मुख्य भूमिका अभिनेत्री तनिष्क शर्मा ने निभाई। लेखक वामिक खान व निर्देशक युसूफ खान रहे। अवसर पर महेश सिंह पटेल, ज्ञानेश्वर शर्मा, एडविन मेसी, दामिनी सिंह, एसएन लाल, मुर्तजा अली, जुबेर अहमद, अब्दुल वहीद आदि मौजूद रहे।
इन्हें किया गया सम्मानित
अंतरराष्ट्रीय धावक व समाजसेवी सरदार सोबरन सिंह, रफी अहमद और पॉल रॉबिंसन, आचार्य राजीव शुक्ला, डॉ. एपी जैन (लोहिया अस्पताल), जुनैद खान एवं एंथोनी सिंह (पत्रकारिता), अंशिमा चौधरी श्रीवास्तव (नृत्य), फिरदौस सिद्दीकी, डॉ. अनुराग श्रीवास्तव और पुनीत कनौजिया (शिक्षा), अंजलि श्रीवास्तव (गायन) और अमित श्रीवास्तव (कवि ) को सम्मानित किया। मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश आर्टिस्ट एसोसिएशन के संरक्षक नितिन मिश्रा और उर्दू अकादमी के सचिव शौकत अली ने इन्हें सम्मान दिया।