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Lucknow News: याद-ए-बीमार-ए-कर्बला में निकला शाही दुलदुल का जुलूस

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याद-ए-बीमार-ए-कर्बला में निकला शाही दुलदुल का जुलूस
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लखनऊ। याद-ए-बीमार-ए-कर्बला के मौके पर शनिवार को शिया पीजी कॉलेज में मजलिस का आयोजन किया गया। इसके बाद अलम, ताबूत और हजरत इमाम हुसैन की सवारी के प्रतीक शाही दुलदुल के साथ मातमी जुलूस निकाला गया। दोपहर करीब एक बजे शुरू हुआ जुलूस विभिन्न मार्गों से होता हुआ कर्बला बादशाह नसीरुद्दीन हैदर पहुंचकर करीब तीन बजे संपन्न हुआ। शाही जुलूस में एक अलग नजारा देखने को मिला। निर्धारित बैंड वादक समय पर नहीं पहुंचा। ऐसे में सैयद अली मीसम नकवी ने जुलूस के दौरान बैंड बजाकर अकीदत पेश की।
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मजलिस को संबोधित करते हुए मौलाना सदफ जौनपुरी ने कहा कि हजरत इमाम जैनुल आबिदीन ने कर्बला के संदेश को अपने सब्र, इबादत और बुलंद किरदार के जरिये जिंदा रखा। हजरत इमाम जैनुल आबिदीन की कैद, मुश्किलों और उनके सब्र का मार्मिक वर्णन किया, जिसे सुनकर अकीदतमंद गमगीन हो उठे। मजलिस के बाद अंजुमन रौनक-ए-दीन-ए-इस्लाम ने नोहाख्वानी और सीना-जनी की। जुलूस में बड़ी संख्या में शिया और सुन्नी समुदाय के लोगों के साथ विभिन्न धर्मों के लोगों ने भी शिरकत कर गंगा-जमुनी तहजीब की मिसाल पेश की।

याद-ए-बीमार-ए-कर्बला में निकला शाही दुलदुल का जुलूस

याद-ए-बीमार-ए-कर्बला में निकला शाही दुलदुल का जुलूस

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