लखनऊ। हंसखेड़ा स्थित अटल कॉलोनी के करीब 3,000 निवासी खस्ताहाल सड़कों, चोक नालियों, पेयजल संकट और कूड़े के ढेर के बीच नारकीय जीवन जीने को मजबूर हैं। यह वही कॉलोनी है, जिसका शिलान्यास 2003 में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने किया था। 2006 से यह कॉलोनी डूडा के अधीन है, लेकिन सुविधाएं अब भी दूर की बात है।
कॉलोनी की 700 मीटर लंबी सड़क अब गड्ढों में तब्दील हो चुकी है। हल्की बारिश में ही सड़क लबालब भर जाती है, जिससे राहगीर फिसलकर घायल हो रहे हैं। स्थिति इतनी खराब है कि पैदल चलना तक मुश्किल हो गया है। करीब दो महीने पहले सीवर लाइन बिछाने के नाम पर पूरी सड़क खोद दी गई थी, लेकिन उसकी मरम्मत नहीं की गई। नालियों की भी सफाई न होने के कारण गंदा पानी सड़क पर बहता रहता है।
22 साल से पेयजल संकट, नलकूप सिर्फ नाम का
2003 में कॉलोनी में एक नलकूप लगाया गया था, लेकिन वह चालू ही नहीं हुआ। 22 वर्षों से यहां के लोग पानी के संकट से जूझ रहे हैं। मजबूरी में उन्हें टैंकर या निजी संसाधनों से पानी जुटाना पड़ता है।
पार्क की जगह बना कूड़ाघर, अतिक्रमण भी
कॉलोनी में पार्क के लिए प्रस्तावित जमीन कूड़ाघर में तब्दील हो चुकी है। स्थानीय दुकानदार और कुछ अतिक्रमणकारी इस जगह का मनमाना इस्तेमाल कर रहे हैं। पार्क न होने से बच्चों के लिए खेलने की जगह नहीं है। क्षेत्र में दुर्गंध व बीमारियों का खतरा भी बढ़ता जा रहा है।
Iस्थानीय लोग बोलेI
Iसीवर पाइप तो बिछा दी गई, लेकिन सड़क की मरम्मत नहीं हुई। नाली चोक है, गंदा पानी जमा रहता है। I
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-धर्मपालI
Iहर गली में गड्ढे हैं, बारिश में बच्चों का स्कूल जाना मुश्किल हो जाता है। गिरने का डर हर वक्त बना रहता है।I
I- आशीष कुमारI
Iमंदिर के सामने ही सड़क टूट चुकी है और गंदा पानी जमा है। श्रद्धालुओं को पूजा करने जाना भी मुश्किल हो गया है।I
I- सुनीता कश्यपI
Iबच्चों को स्कूल भेजने में बहुत परेशानी होती है। जूते-मोजे और कपड़े कीचड़ में खराब हो जाते हैं। I
I- राजकुमारीI