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Lucknow News: मरीज बोला- डॉक्टर साहब बताईन बाहर से लई आओ दवा

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केजीएमयू में पहुंचे दलाल।
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लखनऊ। केजीएमयू के डॉक्टर मरीजों को इलाज के नाम पर लुटवा रहे हैं। फार्मा कंपनियों के एजेंट डॉक्टरों की ओपीडी में खुलेआम सक्रिय हैं। डॉक्टर के परचे पर दवा लिखते ही गेट पर खड़े एजेंट मरीजों को लपक लेते हैं। इसके बाद उन्हें निजी मेडिकल स्टोर पर ले जाकर महंगी दवाएं दिलवाई जा रही हैं। यह खेल संस्थान में बड़े स्तर पर चल रहा है, लेकिन जिम्मेदार इस पर नकेल कसने में नाकाम दिख रहे हैं।
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एचआरएफ काउंटर पर आधी-अधूरी दवाएं मिलने से मजबूरी में मरीजों को निजी मेडिकल स्टोर का रुख करना पड़ रहा है। बृहस्पतिवार को पुरानी ओपीडी के पहले तल पर कमरा नंबर-14 पहुंचकर पड़ताल की गई, जहां डॉक्टर व निजी मेडिकल स्टोर के गठजोड़ का मामला सामने आया। बाराबंकी निवासी मरीज कमलेश व राजकुमार ने ओपीडी में डॉक्टर को दिखाया। ओपीडी गेट पर खड़े एजेंट ने बाहर से दवा लाकर दिखाने की बात कहकर उन्हें भेज दिया। इस दौरान मरीज के साथ हुए पूरे खेल पर पेश है बातचीत...


रिपोर्टर: यह दवा कहां से ली है?
मरीज: केजीएमयू के बाहर मेडिकल स्टोर से दवा लाएं हन।

रिपोर्टर: कितने रुपये की दवा मिली है?
मरीज: 1500 रुपये।

रिपोर्टर: बाहर से दवा लेने किसने भेजा था?
मरीज: डॉक्टर की ओपीडी के गेट पर खड़े एक जन बाहर से दवा मंगवाईन रहे।

रिपोर्टर: एचआरएफ काउंटर से दवा क्यों नहीं ली?
मरीज: डॉक्टर बतावत हैं कि उहां के दवा ठीक नाय है, इसलिए बाहर से लावा करो।

रिपोर्टर: कब से डॉक्टर को दिखा रहे हैं?
मरीज: एक-दो महीना होई चुका है आवत हीया।

एचआरएफ में दवा न मिलने पर भड़की महिला

शाहजहांपुर की रहने वाली महिला ज्योति ने न्यूरोलॉजी ओपीडी में डॉक्टर को दिखाया। डॉक्टर ने परचे पर चार तरह की दवाएं लिखीं। महिला पीआरओ कार्यालय के सामने स्थित एचआरएफ काउंटर पर पहुंचीं, जहां वह करीब एक घंटे तक कतार में लगी रहीं। नंबर आने पर बताया गया कि लिखी गई दवाओं में से सिर्फ एक ही एचआरएफ पर उपलब्ध है। इस पर ज्योति भड़क उठीं और दवा लेने से मना कर दिया। उनका कहना है कि घंटों लाइन लगाने के बाद भी आधी-अधूरी दवाएं मिल रही हैं।
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मरीज बोले- सस्ती दवा एचआरएफ पर, महंगी बाहर से

महराजगंज निवासी शिवम ने बृहस्पतिवार को ओपीडी में डॉक्टर को दिखाया। डॉक्टर ने चार तरह की दवाएं लिखीं। इनमें से दो दवाएं एचआरएफ काउंटर पर मिल गईं, जबकि दो महंगी दवाएं नहीं मिलीं। मजबूरी में शिवम को बाहर निजी मेडिकल स्टोर से दवा खरीदनी पड़ी। मरीज का आरोप है कि एचआरएफ पर सिर्फ सस्ती दवाएं रखी जा रही हैं, जबकि महंगी दवाओं के लिए बाहर भेजा जा रहा है।

डॉक्टर की ओपीडी के बाहर ही एजेंट सक्रिय

पुरानी ओपीडी के कमरा नंबर-14 के बाहर निजी मेडिकल स्टोर के एजेंट खुलेआम घूमते नजर आए। मरीज के बाहर निकलते ही वे परचा पकड़ लेते हैं और सस्ती दवा दिलाने का झांसा देकर निजी मेडिकल स्टोर ले जाते हैं। कई मरीजों को एचआरएफ काउंटर तक जाने का मौका भी नहीं मिल रहा। बताया जा रहा है कि ऐसा खेल संस्थान की अधिकांश ओपीडी के बाहर चल रहा है।
Iमामले की जांच कराई जा रही है। जो डॉक्टर संलिप्त मिलेंगे, उन पर कार्रवाई की संस्तुति होगी।I
I- केके सिंह, प्रवक्ता, केजीएमयूI

केजीएमयू में पहुंचे दलाल।

केजीएमयू में पहुंचे दलाल।

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केजीएमयू में पहुंचे दलाल।

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केजीएमयू में पहुंचे दलाल।

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केजीएमयू में पहुंचे दलाल।

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