लखनऊ। राजधानी में बिजली चोरी करते पकड़े गए उन लोगों के लिए मुश्किल वक्त शुरू होने वाला है, जिन्होंने सरकार की एकमुश्त समाधान योजना (ओटीएस) का लाभ नहीं उठाया। अब ऐसे डिफॉल्टर्स की चौखट पर तहसील की टीम कभी भी कुर्की का नोटिस लेकर दस्तक दे सकती है। पावर कॉर्पोरेशन ने ऐसे बिजली चोरों को सूचीबद्ध करना शुरू कर दिया है।
विभाग ने बिजली चोरों को राहत देते हुए जुर्माने में 40 से 50 फीसदी तक की छूट के साथ 28 फरवरी तक पंजीकरण की सुविधा दी थी। इलाकाई इंजीनियरों ने नोटिस भेजकर छूट की जानकारी भी दी थी, लेकिन कई लोगों ने रुचि नहीं दिखाई। अब इन उपभोक्ताओं से जुर्माने की पूरी रकम के साथ-साथ 10 प्रतिशत अतिरिक्त वसूली शुल्क भी वसूला जाएगा।
अमौसी, लखनऊ मध्य, जानकीपुरम और गोमतीनगर जोन में ऐसे बकायेदारों की सूची तैयार की जा रही है। इन पर न केवल जुर्माने की भारी रकम बकाया है, बल्कि अब इनके बिजली कनेक्शन काटने के साथ-साथ संपत्ति कुर्की की कार्रवाई भी अमल में लाई जाएगी।
बिजली थाने की सक्रियता बढ़ी
प्रवर्तन दल के बिजली थाने ने भी मोर्चा संभाल लिया है। पुलिस टीमें सीधे उन लोगों के घर पहुंच रही हैं, जिनके खिलाफ एफआईआर दर्ज है। टीम यह जांच रही है कि आरोपी ने जुर्माना भरा है या नहीं। जिन लोगों ने समाधान योजना में पैसा तो जमा कर दिया, लेकिन थाने में एनओसी जमा नहीं की, उनकी भी जांच की जा रही है।
28 मार्च तक बिल जमा करने का मौका
जानकीपुरम जोन के मुख्य अभियंता वीपी सिंह ने बताया कि जिन बिजली चोरों या बकायेदारों ने 28 फरवरी तक पंजीकरण करा लिया था और जुर्माने की 10 प्रतिशत राशि जमा कर दी थी, उनके पास अपनी शेष राशि जमा करने के लिए 28 मार्च तक का समय है। यदि इस तिथि तक बकाया जमा नहीं हुआ, तो वे भी सख्त कार्रवाई के दायरे में आएंगे।