लखनऊ। पिपराघाट पर नए अंडरपास के काम को अब गति मिलेगी। जिस योजना को तीन साल पहले पूरा हो जाना चाहिए था, वह सुस्त गति से पड़ी थी। आंवला सांसद नीरज मौर्य ने इस मुद्दे को उठाया, जिसके बाद रेलमंत्री ने फिजिबिलिटी रिपोर्ट बनाने को कहा है। उम्मीद जताई जा रही है कि 15 दिन में यह काम शुरू हो जाएगा।
दरअसल, दिलकुशा व छावनी होते हुए गोमतीनगर व गोमतीनगर विस्तार जाने वाले लोगों की राह आसान बनाने के लिए वर्ष 2022 में पिपराघाट पर नया अंडरपास बनाने की योजना बनी थी। वर्तमान में बने संकरे अंडरपास के समीप ही 12 करोड़ की लागत से नया अंडरपास बनाया जाना था। इसकी चौड़ाई 12 मीटर व ऊंचाई 3.5 मीटर होगी। इससे एक साथ कई कारें अंडरपास से गुजर सकेंगी। इस अंडरपास के लिए रक्षामंत्री राजनाथ सिंह भी रेल मंत्रालय को पत्र लिख चुके हैं।
प्रोजेक्ट बनने के बाद इसका काम एक से डेढ़ साल में पूरा हो जाना चाहिए था, लेकिन अफसरों की लापरवाही से काम अटक गया। अब आंवला के सांसद नीरज मौर्य ने इस मामले को उठाया है। उन्होंने पिपराघाट अंडरपास के लिए रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव को पत्र लिखा है, जिसके जवाब में रेलमंत्री ने फिजिबिलिटी रिपोर्ट बनाकर काम शुरू करवाने की बात कही है।
गोमतीनगर आना-जाना होगा आसान
छावनी स्थित दिलकुशा से जनेश्वर मिश्र पार्क की ओर जाने के लिए पिपराघाट के रास्ते गुजरना पड़ता है। अभी जो अंडरपास है, वह पैदल आने-जाने वालों के लिए बनाया गया था। इसकी चौड़ाई व ऊंचाई कम है। इससे कारें आसानी से नहीं गुजर पाती हैं।
नए अंडरपास में होंगे डबल ब्लॉक
पिपराघाट के नए अंडरपास में दो ब्लॉक लगाए जाएंगे, जो छह-छह मीटर चौड़े होंगे। इससे सड़क की कुल चौड़ाई 12 मीटर हो जाएगी। पीडब्ल्यूडी को इस पुल से छावनी तक सड़क चौड़ा करने के लिए भी काम करना होगा, जो अभी सिंगल लेन है।