लखनऊ। सड़क परिवहन मंत्रालय (मॉर्थ) के फिटनेस नियमों में बदलाव से हरदोई के ट्रांसपोर्टरों में भारी नाराजगी है। नए आदेश के तहत सरकारी फिटनेस सेंटर बंद कर अब केवल प्राइवेट ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन (एटीएस) पर फिटनेस कराना अनिवार्य कर दिया गया है। इसके चलते हरदोई के वाहनों को 130 किमी दूर लखनऊ के बख्शी का तालाब जाना पड़ रहा है।
ट्रांसपोर्टरों के अनुसार, 260 किमी की आवाजाही में डीजल, टोल और स्टाफ का खर्च मिलाकर 10,000 रुपये का अतिरिक्त भार पड़ रहा है। लंबी दूरी के कारण चालक रास्ते में अवैध सवारियां बैठा रहे हैं, जिससे डग्गामारी और राजस्व की चपत बढ़ गई है।
सबसे बड़ा संकट ई-रिक्शा और ऑटो मालिकों के सामने है, क्योंकि एक चार्ज में 50 किमी चलने वाले वाहन को इतनी दूर ले जाना असंभव है। साथ ही, बिना फिटनेस लंबी दूरी तय करने पर दुर्घटना की स्थिति में बीमा कवर भी नहीं मिलेगा। बस ऑपरेटर्स एसोसिएशन ने इस अव्यवहारिक फैसले के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई है।