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Lucknow News: नौटंकी ने भ्रष्टाचार पर किए चुटीले प्रहार

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नौटंकी ने भ्रष्टाचार पर किए चुटीले प्रहार
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लखनऊ। भारतेंदु नाट्य अकादमी के स्वर्ण जयंती नाट्य समारोह के तीसरे दिन आतमजीत सिंह के निर्देशन में नौटंकी ‘ये कैसा इंसाफ’ के मंचन ने विलुप्त हो रही इस विधा से दर्शकों को रूबरू कराया। बीएम शाह प्रेक्षागृह में मंचित इस नौटंकी को आतमजीत सिंह ने ही लिखा है। समाज में व्याप्त भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी पर किए गए चुटीले प्रहारों ने दर्शकों बांधे रखा। सहायक निर्देशन सरबजीत सिंह का रहा।
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नौटंकी में लोगों के बीच आपसी झगड़ोें और अदालत में उलझे फैसलों को मंच पर उतारा गया। पहला मुकदमा छैला और छबीला का है। छैला अपने बड़े भाई छबीला से खेत जोतने के लिए बैल मांग कर ले जाता है, जब वापस करता है तो बैल की पूंछ कटी होती है। काजी के सामने अपने बयान पर छैला बताता है कि जुताई के दौरान झटका लगने से बैल की पूंछ कट गई थी। काजी जैसे ही फैसला सुनाने लगता है, छैला चुपके से अशर्फियों की थैली उसको पकड़ाता है और फैसला अपने हक में करवा लेता है।
दूसरा मुकदमा काज़ी के पास भोला नाम का व्यक्ति लेकर आता है और छैला पर इल्ज़ाम लगाता है कि छैला ने पुल से छलांग लगाई और सीधा उसके पिता पर आ गिरा, जो नाव से वहां गुजर रहे थे। छैला फिर काज़ी को रिश्वत देकर फैसला अपने हक में करवाता है। तीसरा मुकदमा सराय की एक मालकिन चंदनबाई का है, उसके बच्चे को वहां ठहरा हुआ यात्री छैला पालने में झुलाता है। इस बार भी छैला फंस जाता है। अनोखी घटनाओं, चुटीले संवादों, हास्य-व्यंग्य से भरपूर प्रस्तुति ने दर्शकों का खूब मनोरंजन किया। गगनदीप सिंह, पंकज सत्यार्थी, प्रियांक, अभिजीत, श्रेया और आदित्य ने मुख्य भूमिका निभाई। जयनित्य, आंचल, अकील, अलंकार, शिवदीन, शिखा, अमर, वान्या ने भी अभिनय किया।

नौटंकी ने भ्रष्टाचार पर किए चुटीले प्रहार

नौटंकी ने भ्रष्टाचार पर किए चुटीले प्रहार

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