लखनऊ। नगर आयुक्त के आदेश के बाद भी कर्मचारियों का वेतन अटकाने वाले बाबू पर नगर निगम ने पहली बार हर्जाना वसूलने की कार्रवाई की है। वसूली कर्मचारी के वेतन से की जाएगी। इसके लिए आदेश भी नगर आयुक्त के निर्देश पर मुख्य वित्त एवं लेखाधिकारी की ओर से जारी कर दिया गया है।
नगर निगम स्वास्थ्य विभाग में तैनात लिपिक जगदीश यादव के पास वजीरगंज बाल्दा के सफाई कर्मचारियों के वेतन की जिम्मेदारी है। होली पर सभी कर्मचारियों को वेतन समय से मिल जाए, इसके लिए नगर आयुक्त ने आदेश जारी किया था। उसके बाद भी लिपिक ने फरवरी के वेतन से काटी गई पीएफ राशि की रिपोर्ट लेखा विभाग में जमा नहीं की और उसे अपनी अलमारी में बंद कर अवकाश पर चल गए। लौटने पर 15 दिन बाद लेखा विभाग में जमा किया, जिससे कर्मचारियों का पीएफ समय से नहीं भेजा जा सका। ऐसे में नगर निगम को 9339 रुपये ब्याज देना पड़ा।
कई बार निलंबित हो चुका है लिपिक
जिस लिपिक पर कार्रवाई हुई है, वह 15 साल में कई बार निलंबित हो चुके हैं। मारपीट की घटनाओं में भी कई बार नाम आया है। काम में लापरवाही और अनियमितता के भी कई बार आरोप लगे हैं। इस पर कई बार कार्रवाई हुई, मगर उनमें कोई सुधार नहीं हुआ।