लखनऊ। मंगलवार शाम मुहर्रम का चांद नजर आ गया। शिया व सुन्नी धर्म गुरुओं ने इसकी पुष्टि की है। इसी के साथ नए हिजरी वर्ष 1448 की शुरुआत का ऐलान कर दिया गया। बुधवार (17 जून) को पहली मुहर्रम होगी जबकि 26 जून को यौमे आशूरा मनाया जाएगा।
मरकजी शिया चांद कमेटी के अध्यक्ष मौलाना सैय्यद सैफ अब्बास नकवी और सुन्नी मरकजी चांद कमेटी अध्यक्ष मौलाना खालिद रशीदी ने चांद दिखाई देने की पुष्टि की। दोनों धर्म गुरुओं ने बताया कि 17 जून से मुहर्रम का महीना शुरू हो रहा है।
शिया चांद कमेटी के अध्यक्ष सैफ अब्बास नकवी ने बताया कि इसी के साथ शहर के बड़े और छोटे इमामबाड़ों, अजाखानों और इबादतगाहों में मजलिसों का सिलसिला शुरू हो जाएगा। दोनों मौलानाओं ने बताया कि 26 जून को शहादते इमाम हुसैन (अ.स.) की याद में यौमे आशूरा मनाया जाएगा। इस दौरान विभिन्न स्थानों पर धार्मिक कार्यक्रम, मजलिसें और मातमी जुलूस आयोजित किए जाएंगे। प्रशासन और आयोजकों ने भी मुहर्रम के कार्यक्रमों को लेकर तैयारियां तेज कर दी हैं।