लखनऊ। गोमतीनगर के विभूति खंड स्थित मंत्री आवास उपकेंद्र 11 साल से जुगाड़ और उधार की बिजली पर निर्भर था। इस समस्या के समाधान के लिए विभाग ने लगभग 15 करोड़ रुपये की लागत से नौ किलोमीटर लंबी भूमिगत केबल बिछाया है, जो मंत्री आवास उपकेंद्र को सतरिख ट्रांसमिशन उपकेंद्र से सीधे जोड़ेगा। इस परियोजना के पूरा होने से मंत्री आवास को अपनी स्थायी बिजली आपूर्ति मिल जाएगी। इस उपकेंद्र से विकल्प खंड 3 विद्युत नियामक आयोग, विक्रांत खंड, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, वास्तु खंड, पंचशील, पारिजात हाईनेक्ट, विक्रांत खंड एक व दो, अपना बाजार, पार्श्वनाथ व मंत्री आवास को बिजली आपूर्ति होती है।
6,000 उपभोक्ताओं का ऐसे दूर होगा संकट
मंत्री आवास उपकेंद्र से 6,000 उपभोक्ताओं को बिजली आपूर्ति होती है। इस उपकेंद्र के पास मलेशेमऊ ट्रांसमिशन उपकेंद्र की सीधी 33 हजार वोल्ट के करंट की आपूर्ति है। इसके फेल होने पर दूसरे उपकेंद्र विराजखंड से उधार बिजली लेनी पड़ती है। इससे दोनों उपकेंद्रों के उपभोक्ताओं को कटौती का सामना करना पड़ता है। गोमतीनगर के एक्सईएन धीरज यादव ने बताया कि नई केबल के चालू होने पर मलेशेमऊ ट्रांसमिशन की आपूर्ति फेल हो जाएगी, तो सतरिख ट्रांसमिशन से चालू कर लेंगे।
10 दिन में नए केबल से चालू होगी बिजली
Iमंत्री आवास उपकेंद्र के लिए दूसरे वैकल्पिक स्रोत की भूमिगत 33 केवी केबल 10 दिन के भीतर चालू हो जाएगी। इसके बाद विराजखंड उपकेंद्र से उधार बिजली लेनी नहीं पड़ेगी। I
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- सुशील गर्ग, मुख्य अभियंता गोमतीनगर जोनI