लखनऊ। चक गंजरिया स्थित कल्याण सिंह सुपर स्पेशियलिटी कैंसर संस्थान के माइक्रोबायोलॉजी विभाग में इस साल से कई आधुनिक जांचें शुरू हो जाएंगी। इसके लिए विभाग में छह करोड़ रुपये से उन्नत मशीनें आने वाली हैं। इनमें कई आधुनिक माइक्रोस्कोप भी शामिल हैं।
संस्थान को उत्तर भारत के सबसे बड़े कैंसर संस्थान के रूप में विकसित किया जाना है। इसके लिए इसे आधुनिक मशीनों और उपकरणों से लैस किया जा रहा है। संस्थान में इस साल 2.4 करोड़ रुपये से मैट्रिक्स-असिस्टेड लेजर डिसोर्प्शन/आयनीकरण टाइम-ऑफ-फ़्लाइट मशीन आने वाली है। यह मशीन अणुओं, विशेष रूप से प्रोटीन और पेप्टाइड्स की पहचान और विशेषता निर्धारित कर सकेगी। कैंसर की जांच में इसकी उपयोगिता अहम होगी। इसी तरह साधारण माइक्रोस्कोप, फ्लूरोसेंट माइक्रोस्कोप, एलाइजा प्रोसेसर, इनवर्टेड माइक्रोस्कोप, बायोसेफ्टी कैबिनेट क्लास, रेगनेंट रेफ्रिजरेटर, ऑटोक्लेव समेत कुल छह करोड़ रुपये के अन्य उपकरण आने हैं। संस्थान के निदेशक प्रो. एमएलबी भट्ट के मुताबिक, आने वाले दिनों में कैंसर संस्थान को विश्वस्तरीय बनाने पर जोर होगा। प्रदेश सरकार से मिले बजट से इसे विकसित करने में मदद मिलेगी।