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Lucknow News: आलमबाग बस अड्डे पर बढ़ेगा लोड, चरमराएंगी व्यवस्थाएं

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आलमबाग बस अड्डा।
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लखनऊ। आलमबाग टर्मिनल पर 45 प्लेटफार्मों से 950 बसों का संचालन होता है, जिससे अव्यवस्था बनी रहती है और बसें सड़कों तक खड़ी रहती हैं। 15 जनवरी से चारबाग की 350 बसों की शिफ्टिंग होने पर व्यवस्थाएं और चरमरा जाएंगी, जिससे यात्रियों की परेशानियां और जाम की समस्या बढ़ेगी।
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चारबाग बस अड्डे का विकास कार्य परिवहन निगम के चारबाग बस अड्डे को पीपीपी मॉडल पर विकसित किया जा रहा है, जहां 55 करोड़ रुपये से मल्टीस्टोरी बस अड्डा बनेगा। यात्रियों को एसी वेटिंग रूम, लाउंज और फूडकोर्ट जैसी सुविधाएं मिलेंगी। इसी कारण चारबाग से चलने वाली 350 बसों को आलमबाग टर्मिनल पर स्थानांतरित करने का निर्णय लिया गया है। आलमबाग टर्मिनल पहले से ही बसों के लोड और प्लेटफार्मों की कमी से जूझ रहा है, इसलिए चारबाग की बसों के आने से दिक्कतें बढ़ेंगी।
अभी हर दो मिनट में निकलती हैं बसें
वर्तमान में आलमबाग टर्मिनल से प्रयागराज, वाराणसी, दिल्ली, झांसी, आगरा, कानपुर सहित कई रूटों की बसें संचालित होती हैं। 45 प्लेटफार्मों पर हर दो मिनट में बस रवाना होती है, जिससे प्रति मिनट औसतन 21-22 बसों का संचालन होता है। समयसारिणी को लेकर भी टकराव होता है, जिससे कई बसें एक ही समय पर एक ही प्लेटफार्म पर पहुंच जाती हैं और चालक आपस में भिड़ जाते हैं। ऐसे में 350 बसें और आने से समयचक्र गड़बड़ाने की आशंका है।
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सड़कों पर बढ़ेगा जाम
आलमबाग टर्मिनल पर बसों की अधिक आवाजाही और कम प्लेटफार्मों के कारण, अभी बस अड्डे के 200 मीटर के दायरे में दर्जनभर बसें सड़क पर खड़ी रहती हैं, जिससे जाम लगता है। चारबाग से बसों के शिफ्ट होने पर सड़क पर खड़ी होने वाली बसों की संख्या और बढ़ जाएगी। इससे जाम भी बढ़ेगा।
सूचना बोर्डों की कमी
आलमबाग बस टर्मिनल पर पर्याप्त सूचना बोर्ड नहीं हैं और न ही यात्रियों को जानकारी देने के लिए कर्मचारी हैं। सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक राजेश कुमार सिंह ने दावा किया कि बसों के लिए नई समय सारिणी बनाई जा रही है और व्यवस्थाएं जल्द ही बेहतर हो जाएंगी।

आलमबाग बस अड्डा।

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