लखनऊ। पेजयल आपूर्ति और सीवर व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए जलकल विभाग 53 करोड़ रुपये और खर्च करेगा। मंगलवार को नगर निगम कार्यकारिणी की बैठक में जलकल विभाग का पुनरीक्षित बजट पास किया गया। विभाग का मूल बजट 407 करोड़ रुपये का था, जबकि पुनरीक्षित बजट 460 करोड़ का है।
जलकल विभाग के पास हुए पुनरीक्षित बजट को लेकर नगर आयुक्त गौरव कुमार ने बताया कि नलकूपों के मोटर पंप, स्टार्टर की मरम्मत, गऊघाट, बालागंज व ऐशबाग जलकल में मोटर पंप और ट्रांसफार्मर की मरम्मत का खर्च भी बढ़ाया गया है, ताकि पेयजल आपूर्ति में किसी तरह की कोई समस्या बजट के चलते न आए। हैंडपंपों की मरम्मत कराने के लिए भी बजट बढ़ाया गया। सीवेज पंपिंग स्टेशनों की मरम्मत का खर्च भी बढ़ाया गया है, ताकि सीवर चोक की समस्या न आए। जलकल विभाग अब कठौता झील की सफाई भी खुद कराएगा। इसके लिए बजट में 12 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। पहले यह बजट नगर निगम 15वें वित्त या अवस्थापना मद से देता था।
किस कार्य का कितना बढ़ाया गया बजट (रुपये में)
0 सीवर मैनहोल की मरम्मत का खर्च 3.50 करोड़ से बढ़ाकर 4 करोड़
0 सीवेज पंपिंग स्टेशनों की मरम्मत का खर्च 1.30 करोड़ से बढ़ाकर 1.50 करोड़
0 पेयजल पाइपलाइनों की मरम्मत व रखरखाव का खर्च 9 करोड़ से बढ़ाकर 13 करोड़
0 हैंडपंपों की मरम्मत का खर्च 50 लाख से बढ़ाकर 1 करोड़
0 सबमर्सिबल मोटर पंप की मरम्मत का खर्च 20 करोड़ से बढ़ाकर 25 करोड़
0 नलकूपों की रिबोरिंग का खर्च 12 करोड़ से बढ़ाकर 19 करोड़
0 सीवर लाइन बिछाने का खर्च 3.50 करोड़ से बढ़ाकर 4.50 करोड
0़ पानी सफाई के लिए रसायन आदि पर आने वाला खर्च 3.20 करोड़ से बढ़ाकर 4.45 करोड़