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Lucknow News: विधानसभा में उठेगा अस्पतालों में बंद वेंटिलेटर का मुद्दा

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लखनऊ। राजधानी के सरकारी अस्पतालों में बंद पड़े वेंटिलेटर, पीआईसीयू व एनआईसीयू का मसला अब विधानसभा में उठेगा। इसे लेकर अफसरों ने अस्पतालों से वेंटिलेटर की उपलब्धता, क्रियाशीलता समेत अन्य बिंदुओं का रिकाॅर्ड लेना शुरू किया है। निदेशक उपचार ने सीएमओ को पत्र भेजकर विधानसभा सत्र में पूछे गए सवाल का जवाब सभी अस्पताल के प्रभारियों से तलब किया है। इसे लेकर विभाग में खलबली मची है।
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राजधानी के सरकारी अस्पतालों में करीब 54 वेंटिलेटर बंद पड़े हैं। इन वेंटिलेटर के संचालन के लिए अस्पतालों के पास कुशल स्टाफ तक नहीं है। अस्पताल प्रभारी मैनपावर का हवाला देकर बच रहे हैं, जबकि अस्पतालों में कार्यरत डॉक्टर व स्टाफ को प्रशिक्षण दिलाया जा चुका है। वहीं, सबसे अहम बात यह है कि एनआईसीयू के लिए एक भी वेंटिलेटर किसी भी सरकारी अस्पताल में नहीं है। ऐसे में एक माह से कम उम्र के बच्चों को वेंटिलेटर की जरूरत होने पर निजी अस्पताल ले जाना पड़ रहा है।
अस्पतालों में बंद पड़े वेंटिलेटर का मुद्दा अमर उजाला ने प्रमुखता से उठाया था। इसे लेकर अब लखनऊ पश्चिम विधायक अरमान खान ने विधानसभा के दूसरे सत्र में इस पर प्रश्न पूछने के लिए नोटिस दिया था, जिस पर उन्हें 18 अगस्त की तारीख मिली है। इसके बाद शासन ने निदेशक उपचार को पत्र भेजकर सभी सरकारी अस्पतालों से वेंटिलेटर, पीआईसीयू, एनआईसीयू, आईसीयू का ब्योरा मांगा है। सीएमओ डॉ. एनबी सिंह के मुताबिक, महानिदेशालय से ब्योरा मांगा गया था। इसकी जानकारी महानिदेशक कार्यालय को भेजी जा चुकी है।
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