लखनऊ। कृष्णानगर स्थित निजी अस्पताल में मरीज की मौत के बाद शव लोकबंधु अस्पताल में छोड़ आने की जांच ठंडे बस्ते में चली गई है। घटना के चार दिन बाद भी स्वास्थ्य विभाग लोकबंधु से फुटेज तक नहीं ले सका है। इस कारण जांच नहीं बढ़ सकी है। नर्सिंग होम के नोडल का कहना है कि अस्पताल संचालक को नोटिस भेजकर जवाब मांगा गया है।
सरोजनीनगर निवासी कर्मवीर सिंह (37) सोमवार सुबह एसकेडी हॉस्पिटल गए थे। आरोप है कि यहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। घटना को छिपाने के लिए अस्पताल प्रशासन ने शव एंबुलेंस से लोकबंधु अस्पताल भिजवा दिया। कर्मचारी इमरजेंसी के बाहर शव स्ट्रेचर पर रखकर भाग गए थे। काफी देर तक शव लावारिस हालत में पड़ा रहा। अस्पताल प्रशासन को कैमरे में निजी अस्पताल के कर्मी शव छोड़कर भागते दिखे। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई।
घटना के चार दिन बाद भी स्वास्थ्य विभाग के अफसर नोटिस-नोटिस खेल रहे हैं। लोकबंधु अस्पताल से साक्ष्य के तौर पर फुटेज भी नहीं ली गई है। बिना इसके जांच संभव नहीं है। नर्सिंग होम के नोडल डॉ. एपी सिंह का दावा है कि लोकबंधु अस्पताल को पत्र लिखकर फुटेज मांगी गई है। सीएमओ डॉ. एनबी सिंह का कहना है कि शव छोड़ने के मामले में कमेटी जांच कर रही है। साक्ष्य के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।