पूरा बाजार। सरयू के जलस्तर में उतार-चढ़ाव का क्रम लगातार जारी है। शुक्रवार सुबह तक सरयू का जलस्तर स्थित रहा। सुबह 11 बजे से जलस्तर में वृद्धि दर्ज की गई। दोपहर दो बजे के बाद जलस्तर फिर स्थिर हो गया। पिछले 24 घंटे में सरयू के जलस्तर में 17 सेमी की वृद्धि हुई है। वहीं तटवर्ती गांवों में रुक रुक कर कटान जारी है, जिसने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है।
पूरा बाजार के रामपुर पुवारी माझा के अंतर्गत मौजा मदरहिया के निवासी हरि निषाद ने बताया कि इलाके में रुक-रुक कर हो रही कटान से सभी लोग परेशान हैं। कटान की वजह से खेतों और घरों को नुकसान की आशंका बनी हुई है। रामपुर पुवारी माझा के ग्राम प्रधान रमेश निषाद ने बताया कि कटान के कारण गांव के लोग भयभीत हैं। मुडाडिहा, उरदहवा, पिपरी संग्राम, पूरेचेतन, बलुईया मझा, मड़ना माझा आदि गांव वर्षों से सरयू नदी की बाढ़ की मार झेलते आ रहे हैं।
बृहस्पतिवार को सरयू नदी के जलस्तर में वृद्धि देखी गई, जिससे स्थानीय लोगों में चिंता की लहर दौड़ गई थी। शुक्रवार को जलस्तर स्थिर हो जाने से कछार वासियों ने राहत की सांस ली। मूड़ाडीहा गांव के ग्राम प्रधान गया प्रसाद यादव ने बताया कि वर्तमान में बाढ़ जैसी कोई स्थिति नहीं है। यदि जलस्तर में पुनः तेजी से वृद्धि होती है, तो कछार वासी बाढ़ राहत केंद्रों या समीपवर्ती ऊंचे गांवों में शरण लेंगे। केंद्रीय जल आयोग की रिपोर्ट के मुताबिक शुक्रवार की शाम चार बजे सरयू का जलस्तर 92़ 31 मीटर रिकॉर्ड किया गया, जो कि चेतावनी बिंदु से 58 सेमी ऊपर व लाल निशान से 42 सेमी नीचे है।
सोहावल में सरयू नदी पर बने ढेमवा पुल का संपर्क मार्ग पिछले वर्ष बाढ़ की चपेट में आकर कट जाने के बाद बाढ़ के समय तराई क्षेत्र में बसे लोगों की चिंता बढ़ जाती है। उन्हें बरसात के दिनों में जान जोखिम में डालकर नाव के सहारे गोंडा से अयोध्या आने-जाने को मजबूर होना पड़ता है। ढेमवा घाट कछार पर बसे सत्यनारायण सिंह और जगत नारायण ने बताया कि दो दिनों से जलस्तर बढ़ रहा है। लोग नाव से आ-जा रहे हैं। बाढ़ खंड कार्यालय में ताला लगा हुआ है। कोई कर्मचारी नहीं मिलता।