लखनऊ। अमौसी एयरपोर्ट के स्टेट हैंगर में स्थित वीआईपी लाउंज में आग लगने के बाद शुक्रवार को लोकनिर्माण विभाग की टीम ने सर्वेक्षण किया। लाउंज की मरम्मत व सजावट में काफी वक्त लगेगा। पीडब्लूडी की इलेक्ट्रिकल विंग एस्टीमेट बना रही है। ऐसे में लम्बा वक्त लगेगा।
लिहाजा नागरिक उड्डयन विभाग ने वीआईपी लाउंज के पास मौजूद पायलट रेस्ट रूम और एक हॉल को अस्थायी तौर पर ले लिया है, जहां वीआईपी ठहराए जाएंगे। दरअसल, बीती बुधवार देर रात एयरपोर्ट स्थित नागरिक उड्डयन विभाग के भवन के लाउंज में आग लग गई थी। जिससे अंदर का फर्नीचर चल गया। मेज व कुर्सी जलकर खाक हो गई। फाल्स सीलिंग भी जल गई थी। ऐसे में शुक्रवार को पहुंची पीडब्ल्यूडी की टीम ने सर्वेक्षण के दौरान वायरिंग व अन्य नुकसान की जांच की। एयरपोर्ट प्रवक्ता के मुताबिक आग की वजह शॉर्ट सर्किट रही, जिसकी जांच की जा रही है। एयरपोर्ट सूत्रों के मुताबिक करीब 10 से 12 लाख का खर्च नई वायरिंग व मेंटीनेंस में आएगा। सभी कमरों की भी वायरिंग बदली जाएगी। नए पैनल लगाए जाएंगे। इतना ही नहीं सूत्र बताते हैं कि तकरीबन एक से डेढ़ महीने तक वीआईपी हैंगर के लाउंज को मेंटेन करने में लगेगा। अमौसी एयरपोर्ट पर स्टेट हैंगर एयरपोर्ट नागरिक उड्डयन विभाग के अधीन है। इसकी व्यवस्था राज्य सकरार द्वारा संभाली जाती है। यहां राष्ट्रपति से लेकर राज्यपाल, प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, पूर्व मुख्यमंत्री इसी लाउंज में रुकते हैं।
अतिथियों के लिए की गई व्यवस्था
नगरिक उड्डयन विभाग के निदेशक ईशान प्रताप सिंह ने बताया कि आग से लाउंज में अधिक नुकसान नहीं हुआ है। मरम्मत के लिए एस्टीमेट तैयार किया जा रहा है। इसके अलावा अस्थायी तौर पर पायलट कक्ष व एक हॉल अतिथियों के विश्राम के लिए तैयार किया जा रहा है। ताकि अतिथियों को दिक्कतें न हों।