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Lucknow News: दो करोड़ से संवारा जाएगा ऐतिहासिक गुरुद्वारा यहियागंज

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यहियागंज गुरुद्वारा।
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लखनऊ। ऐतिहासिक यहियागंज गुरुद्वारा लखनऊ की खास धरोहरों में से एक है। 1670 में पटना से आनंदपुर जाते समय सिखों के नौवें गुरु तेगबहादुर यहां तीन दिन ठहरे थे। 1672 में उनके पुत्र गुरु गोविंद सिंह ने भी दो महीने से अधिक समय यहां प्रवास किया था। इस ऐतिहासिक गुरुद्वारे के कायाकल्प के लिए पर्यटन विभाग दो करोड़ की धनराशि खर्च करेगा।
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पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि यहियागंज गुरुद्वारे के पर्यटन विकास के लिए राज्य सरकार ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में मुख्यमंत्री पर्यटन स्थलों के विकास मद से दो करोड़ रुपये की स्वीकृति दी है। यह धनराशि गुरुद्वारे के ऐतिहासिक स्वरूप को संरक्षित रखते हुए आधुनिक सुविधाओं, सुंदरीकरण, आगंतुक सुविधाओं और सुगम पहुंच व्यवस्था के लिए उपयोग की जाएगी। उन्होंने कहा कि यहियागंज गुरुद्वारे के अंदर एक आर्ट गैलरी भी है, जिसमें सिख इतिहास और गुरुओं से जुड़ी घटनाओं को दर्शाया गया है। यहां गुरु तेगबहादुर और गुरु गोविंद सिंह द्वारा हस्ताक्षरित दो हुक्मनामे और श्री गुरुग्रंथ साहब की हस्तलिखित प्रति भी मौजूद है, जिसके प्रारंभ में गुरु तेग बहादुर साहिब द्वारा मूल मंत्र लिखा है। उन्होंने कहा कि इस ऐतिहासिक गुरुद्वारे का पर्यटन विकास हमारी प्राथमिकता है।
प्रमुख सचिव पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मार्थ कार्य अमृत अभिजात ने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार की पर्यटन विकास नीति का उद्देश्य ऐतिहासिक और धार्मिक स्थलों को आधुनिक सुविधाओं से जोड़ना है। यहियागंज गुरुद्वारा न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि हमारी सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक सौहार्द का अद्वितीय केंद्र भी है। बेहतर कनेक्टिविटी, यात्री सुविधाओं का उन्नयन और ठोस इंफ्रास्ट्रक्चर विकास के माध्यम से हम इसे पर्यटन मानचित्र पर प्रमुख स्थान दिलाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
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