किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय ।
लखनऊ। किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय के लारी कार्डियोलॉजी के नए भवन में 56 बेड पर छह महीने बीतने के बावजूद भर्ती शुरू न होने पर शासन ने एतराज जताया है। अमर उजाला में इसकी खबर प्रकाशित होने के बाद शासन ने संज्ञान लेते हुए केजीएमयू से जवाब मांगा है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने केजीएमयू में 14 जुलाई, 2025 को 105 करोड़ की लागत से तैयार कार्डियोलॉजी विभाग के 10 मंजिला नए भवन का लोकार्पण किया था। इससे पहले यहां 84 बेड थे। नए भवन में 96 बेड बढ़ने थे, मगर छह महीने बीतने के बावजूद सिर्फ 40 बेड पर ही भर्ती शुरू हो सकी। बचे 56 बेड पर भर्ती अब तक शुरू नहीं हुई है। अमर उजाला ने छह जनवरी के अंक में यह मुद्दा उठाया था। इसका संज्ञान लेते हुए शासन के अनुसचिव ज्ञानेंद्र कुमार शुक्ल ने केजीएमयू कुलसचिव से जवाब मांगा है।
केजीएमयू का तर्क- शासन से मिलने हैं पद
56 बेडों पर भर्ती शुरू न होने के सवाल पर केजीएमयू प्रवक्ता प्रो. केके सिंह का कहना है कि नए भवन के लिए मानव संसाधन की व्यवस्था मानकीकरण करने के बाद शासन को करनी है। इसके लिए केजीएमयू प्रशासन शासन को पत्र भेज चुका है, मगर अभी तक पद नहीं मिल सके हैं। प्रयास किया जा रहा है कि आउटसोर्सिंग कर्मियों के माध्यम से इसका संचालन शुरू कर दिया जाए।
मरीजों के सौदे पर भी सख्ती
शासन ने अमर उजाला में 31 दिसंबर, 2025 को प्रकाशित मरीजों का सौदा..वेंटीलेटर वाले रोगी पर 50 हजार रुपये का कमीशन खबर का भी संज्ञान लिया है। शासन ने इस खबर पर भी केजीएमयू प्रशासन से जवाब मांगा है।