लखनऊ। नगराम के गुलालखेड़ा गांव निवासी श्रमिक ओमप्रकाश की हत्या नामजद आरोपी अंडा रोल विक्रेता अरविंद ने पुरानी रंजिश में की थी। रविवार को पुलिस ने आरोपी अरविंद को गिरफ्तार कर लिया। इस मामले में बाकी जिन
युवकों पर हत्या का आरोप था उनकी भूमिका नहीं मिली।
एडीसीपी साउथ आर वसंथ कुमार ने बताया कि ओमप्रकाश की मां गीता ने गांव के रहने वाले मन्नू, मोनू, आशीष गौतम और अंडा रोल विक्रेता अरविंद पर बेटे की हत्या का शक जताते हुए केस दर्ज कराया था। पुलिस ने सभी आरोपियों कोे हिरासत में लेकर पूछताछ की तो घटना में अरविंद की भूमिका के पुख्ता सबूत मिले। पहले तो उसने गुमराह करने का प्रयास किया, लेकिन जब पुलिस ने सर्विलांस की मदद से उसकी लोकेशन ट्रेस की, तो उसकी लोकेशन घटनास्थल पर पाई गई।
इसके बाद, पुलिस के सवालों का सामना करते हुए अरविंद टूट गया और उसने रंजिश के चलते ओमप्रकाश की लोहे की रॉड से हत्या करने की बात कबूल कर ली। घटना में इस्तेमाल की गई लोहे की रॉड व आरोपी की खून लगी जींस बरामद की गई है। एसीपी मोहनलालगंज विकास पांडेय ने बताया कि जांच में नामजद बाकी आरोपियों की कोई भूमिका नहीं मिली। सभी को क्लीन चिट दे दी गई है।
कई दिनों से बदला लेना चाह रहा था आरोपी
एसीपी मोहनलालगंज ने बताया कि पूछताछ व छानबीन में पता चला कि आरोपी अरविंद और ओमप्रकाश पड़ोसी थे। कुछ दिन पहले दोनों के बीच छींटाकशी कोे लेकर मारपीट हुई थी। ओमप्रकाश अक्सर अरविंद कोे परेशान करता था। अरविंद उससे बदलना लेना चाहते था पर वह शारीरिक रूप से कमजोर पड़ जाता था। 22 जनवरी की रात ओमप्रकाश अपने साथियों के साथ अरविंद के ठेले पर पहुंचा। वहां उन लोगों ने शराब पी और अरविंद की दुकान से अंडा भी खरीदा। अधिक शराब पीने की वजह से ओमप्रकाश अरविंद के ठेले के पास ही लेट गया। उसके साथियों ने उसे उठाने का प्रयास किया, पर वह नहीं उठा। उसके साथी वहां से चले गए। अरविंद भी ठेला लेकर घर आ गया। घर पहुंचने के बाद अरविंद ने ओमप्रकाश से बदला लेने की बात सोची। आरोपी अरविंद घर से रॉड लेकर पहुंचा और ओमप्रकाश पर वार कर उसकी हत्या कर दी।
ओमप्रकाश की फाइल फोटो।