लखनऊ। वर्टिकल व्यवस्था और स्मार्ट प्रीपेड मीटर आम जनता के लिए जी का जंजाल बन गए हैं। दोनों की कार्यप्रणाली के कारण एलडीए कॉलोनी निवासी गुरबचन का परिवार चार दिन बिना बिजली के रहा। इन चार दिनों में गुरुबचन अलग-अलग जगहों पर तीन बार दौड़े, मगर सुनवाई नहीं हुई। सोमवार को वह बेटी के साथ बिजली शिविर में पहुंचे, तो डेढ़ घंटे तक इंतजार कराने के बाद मीटर बदलने के लिए भेजा गया।
आलमबाग के चंदरनगर उपकेंद्र में आयोजित बिजली शिविर में गुरबचन ने बताया कि शुक्रवार सुबह उनके घर की बिजली गुल हो गई। पास के सभी घरों में बिजली आती देख मीटर देखा तो उसमें बिजली जल रही थी, मगर घर में नहीं थी। शुक्रवार को तीन बार आशियाना के शक्ति चौराहा उपकेंद्र गए, पर बिजली चालू नहीं हुई। शनिवार को इंद्रलोक हाइडिल कॉलोनी कार्यालय गए। वहां अभियंता ने मीटर बदलने का आश्वासन देकर वापस कर दिया, जबकि जेई मीटर को बाईपास कर बिजली चालू कर सकते थे, मगर ऐसा न होने के कारण शुक्रवार से सोमवार शाम तक चार दिन तीन रात पूरा परिवार भीषण गर्मी में बिना बिजली के रहा।
सोमवार को बिजली शिविर में भी जब इंतजार करते-करते गुरबचन की आंखें नम हो गईं, तब सहायक अभियंता (मीटर) आरती वर्मा ने उनके घर मीटर बदलने के लिए भेजा। जिम्मेदारों ने खुद को बचाने के लिए पीड़ित से शुक्रवार के बजाय रविवार से मीटर में बिजली बंद होने की शिकायत लिखवाई। उधर, उपखंड अधिकारी योगेंद्र यादव ने बताया कि गुरुबचन के घर की बिजली चालू कर दी गई है।
बिल पर दर्ज हुए मोबाइल नंबर
शिविर में कंचन, सुनील, अंजू, आशा, मोनू, सोनू, बबलू, निधि रत्नेश पांडे, अशोक, प्रीति राजीव आदि ने लो वोल्टेज और विद्युत कटौती की समस्या का ज्ञापन सौंपा। कुटिया वाली गली निवासी कंचन और पवनपुरी निवासी अतुल शाह ने मीटर जलने की शिकायत दर्ज कराई। पवनपुरी निवासी स्तभा हुसैन ने पता सही कराया। कैलाशपुरी के जगदंबा राय के बिल पर मोबाइल नंबर अपडेट हुआ। वहीं, न्यू कैंपस जानकीपुरम के शिविर में 15 पीड़ितों ने शिकायत दर्ज कराई, जिसमें गलत बिल, मीटर गड़बड़ी शामिल थीं। पांच का शिविर में ही समाधान किया गया।
शिविर में पहुंचे गुरबचन और अन्य लोग।