बाराबंकी। माता-पिता के तलाक के समय हुए समझौते पर अब उनकी नौ सात वर्षीय बेटी के इन्कार ने नई मुसीबत खड़ी कर दी है। विवाद से बचने के लिए अलग रहने का फैसला करने वाले दंपती अब थाने के चक्कर काट रहे हैं। यह स्थिति मारपीट या दहेज उत्पीड़न के कारण नहीं, बल्कि बेटी के प्रति दोनों माता-पिता के प्रेम और अधिकार के टकराव से उत्पन्न हुई है।
बाराबंकी जनपद की महिला की शादी दूसरे जनपद में हुई थी। शादी के कुछ साल बाद दंपती ने कोर्ट में सहमति से अलग होने की अपील की थी। तय हुआ कि बेटी मां के साथ रहेगी, लेकिन पिता हफ्ते में एक दिन उससे मिल सकेगा और घुमाने ले जा सकेगा। दो साल तक यह सिलसिला चला, पर हर बार पिता के साथ जाने पर बेटी का मन खराब हो जाता था। अब वह पिता से मिलना नहीं चाहती। इसके बावजूद, पिता लगातार पूर्व पत्नी के घर बेटी से मिलने पहुंचता है। बेटी के मना करने पर पुलिस को कई बार बुलाया गया। पुलिस के सामने भी बेटी ने मिलने से इन्कार किया। इतना ही नहीं, पिता स्कूल तक पहुंच गया और बेटी के रिश्तेदारों से मारपीट भी कर दी।
यह पूरा मामला अब महिला थाने पहुंच गया है। नौ साल की बेटी से बात कर थाने की प्रभारी निरीक्षक कुमारी रत्ना हैरान हैं। उन्होंने बताया कि बेटी ने जो बातें बताई हैं, उन्हें देखते हुए उसे पिता के साथ भेजना उचित नहीं लगता। यह मामला बेटी की सुरक्षा और उसकी भावनाओं से जुड़ा है। पुलिस दोनों पक्षों से बातचीत कर समस्या का समाधान निकालने का प्रयास कर रही है।