बाराबंकी। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने डिजिटल युग में विद्यार्थियों को भविष्य की तकनीकों से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। इसके तहत, सीबीएसई से संबद्ध विद्यालयों के छात्र-छात्राओं को अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की बुनियादी जानकारी दी जा रही है। यह पहल 'शिक्षा मिशन इंडिया' के अंतर्गत ' सभी के लिए युवा एआई साक्षरता अभियान'' का हिस्सा है, जिसमें एआई को पाठ्यक्रम में शामिल किया गया है।
एआई साक्षरता अभियान का उद्देश्य और विस्तार
इस अभियान का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में तकनीकी जागरूकता बढ़ाना और उन्हें भविष्य के लिए तैयार करना है। इसके माध्यम से, जिले के लगभग 25 सीबीएसई विद्यालयों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं को एआई के मूल सिद्धांत, उसके व्यावहारिक उपयोग और भविष्य की संभावनाओं से अवगत कराया जा रहा है। सीबीएसई इस ज्ञान को विद्यार्थियों के लिए एक अनिवार्य कौशल के रूप में विकसित कर रहा है। यह कोर्स पूरी तरह से निशुल्क है और 12 जनवरी से शुरू हो चुका है। विद्यार्थियों की सुगमता के लिए इसे आईगौट कर्मयोगी और दीक्षा जैसे प्लेटफार्मों पर उपलब्ध कराया गया है, ताकि अधिक से अधिक छात्र इसका लाभ उठा सकें।
तकनीकी ज्ञान से नवाचार और आत्मनिर्भरता की ओर
सेंट एंथोनी स्कूल के प्रधानाचार्य, फादर प्रकाश सॉरेंज के अनुसार, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का ज्ञान छात्रों में नई सोच और नवाचार की भावना को बढ़ावा देगा। यह तकनीक भविष्य में शिक्षा, रोजगार और अनुसंधान के क्षेत्रों में उनके लिए नए अवसर खोलेगी। सीबीएसई बोर्ड के नोडल अधिकारी, आरपी सिंह ने स्पष्ट किया कि यह अभियान केवल डिजिटल साक्षरता तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका लक्ष्य विद्यार्थियों को तकनीकी रूप से सक्षम और आत्मनिर्भर बनाना है। आज के बदलते वैश्विक परिदृश्य में, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने के लिए एआई का ज्ञान आवश्यक है। एआई की समझ छात्रों को बदलते समय के अनुरूप ढलने में मदद करेगी, जिससे वे भविष्य की चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार रहेंगे।