विधान सभा चुनाव के बाद हुई समीक्षा में यह बात सामने आई कि हर बूथ पर पार्टी के समर्थकों के नाम मतदाता सूची से गायब थे, जिसकी वजह से कई बूथों पर दो से पांच वोट का अंतर रहा है।
समाजवादी पार्टी मतदाता सूची में बढ़े, कटे और संशोधित नामों को लेकर सतर्क है। आजमगढ़ व रामपुर के जिलाध्यक्षों व अन्य नेताओं ने इन वोटों पर निगाह रखने का निर्देश दिया गया है। प्रदेश अध्यक्ष ने इसके लिए दोनों लोकसभा क्षेत्र में अलग से कमेटी बनाने को कहा है।
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विधान सभा चुनाव के बाद हुई समीक्षा में यह बात सामने आई कि हर बूथ पर पार्टी के समर्थकों के नाम मतदाता सूची से गायब थे, जिसकी वजह से कई बूथों पर दो से पांच वोट का अंतर रहा है। लोकसभा उपचुनाव में पार्टी ने इस खामी को दूर करने की रणनीति बनाई है। प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम पटेल ने निर्देश दिया है कि दोनों लोकसभा क्षेत्र में प्रत्याशियों को मतदाता सूची दी जाएगी।
इसमें विधान सभा चुनाव की मतदाता सूची के साथ 12 मार्च से 25 मई 2022 तक बढ़े, कटे और संशोधित नाम की सूची भी उपलब्ध कराई जाएगी। यह सूची बूथवार होगी जिसका पार्टी के पदाधिकारी सत्यापन करेंगे। फिर नए जुड़ने वाले मतदाताओँ से घर-घर जाकर मिलेंगे।
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ड्यूटी वाले बूथ पर ही वोट डालेंगे मतदानकर्मी
प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम पटेल ने यह भी बताया है कि मतदान कर्मियों के वोट पर भी निगाह रखी जाए। मतदान कर्मी अपनी ड्यूटी वाले मतदान केंद्र पर इलेक्शन ड्यूटी सर्टिफिकेट के आधार पर वोट डालेंगे। इस बार वे पोस्टल बैलेट से मतदान नहीं करेंगे। बूथ पर पोलिंग एजेंट बनने वाले को मतदान कर्मी के मतदान के बारे में भी जानकारी दे दी जाए ताकि किसी तरह का विवाद न हो।