नाले में बच्चे को खोजते नगर निगम कर्मचारी
रिवरबैंक कॉलोनी के पास नाले में गिरे बच्चे की तलाश में नगर निगम की टीम सोमवार को पूरे दिन जुटी रही। 50 कर्मचारी, दो जेसीबी मशीनें लगाई गईं।
24 घंटे में नाले से 25 ट्रक कचरा निकला, पर मासूम नावेद (4) का पता नहीं चला। मंगलवार को भी नगर निगम की टीम बच्चे की तलाश में नाला खंगालेगी।
मासूम की तलाश ने नगर निगम के नालों की सफाई के दावों और सुरक्षा के इंतजामों की पोल खोल दी है।
अपर नगर आयुक्त नंदलाल दावा करते हैं कि नगर निगम की टीम रविवार रात से ही सर्च ऑपरेशन में लग गई थी। कूड़ा छानने वाली जेसीबी मशीन लगाकर नाले की सफाई कराई जा रही है।
इससे नाले में फंसे हुए कूड़े को ऊपर सतह से अलग कर दिया जाता है। वहीं नाले की तलहटी से सिल्ट निकालने केलिए दूसरी जेसीबी मशीन काम कर रही है।
नगर निगम की टीम का कहना है कि रिवरबैंक कॉलोनी से गोमती नदी की दूरी बहुत कम है। करीब एक किमी बाद ही गोमती नदी में नाला गिरता है।
यहां पंपिंग स्टेशन से नाले के पानी को नदी में छोड़ा जाता है। ऐसे में काफी आशंका है कि तेज बहाव में बच्चा बहकर गोमती नदी में चला गया हो।
दुर्घटना के बाद अब सफाई हो रही है। पड़ोसी शाकिब कहते हैं कि कई बार नगर निगम कर्मियों से कहा कि नाले को ढंकने की व्यवस्था की जाए लेकिन सुनवाई नहीं हुई।
15 साल पहले नाले में ही डूबे आरिफ के भाई सलमान ने कहा कि यहां 40-50 मकान हैं। अब वह स्वयं ही कोई व्यवस्था करेंगे। जिससे कोई हादसा न हो।