लखनऊ। राजधानी में पोस्टमार्टम के लिए अब लंबा इंतजार नहीं करना होगा। केजीएमयू के पोस्टमार्टम हाउस पर बढ़ते दबाव को कम करने के लिए जिले में दो नए पोस्टमार्टम हाउस तैयार किए जा रहे हैं। आगामी डेढ़ से दो महीनों के भीतर डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान और संजय गांधी पीजीआई में पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।
फिलहाल पूरे जिले का भार अकेले केजीएमयू के पोस्टमार्टम हाउस पर है। आंकड़ों के मुताबिक, बीते साल यहां करीब 6,000 पोस्टमार्टम हुए। औसतन हर दिन 15 से 20 शव यहां आते हैं, जिस कारण परिजनों को पांच से छह घंटे तक इंतजार करना पड़ता है। अभी यहां प्रांतीय चिकित्सा सेवा के डॉक्टर पोस्टमार्टम करते हैं, जबकि लावारिस शवों का पोस्टमार्टम संस्थान के फोरेंसिक एक्सपर्ट्स द्वारा किया जाता है।
नए बनने वाले पोस्टमार्टम हाउस की खासियत यह होगी कि यहां फोरेंसिक एक्सपर्ट्स की सीधी निगरानी में पोस्टमार्टम किए जाएंगे, जिससे प्रक्रिया में अधिक सटीकता और तेजी आएगी।
लोहिया और पीजीआई में तैयारी अंतिम चरण में
लोहिया संस्थान में पोस्टमार्टम हाउस की बिल्डिंग बनकर तैयार है। संस्थान के निदेशक डॉ. सीएम सिंह ने बताया कि भवन का कार्य पूरा हो चुका है, गेट लगना बाकी है। एक से डेढ़ महीने में यहां सेवाएं शुरू हो जाएंगी। वहीं, पीजीआई के निदेशक डॉ. आरके धीमन के अनुसार, पोस्टमार्टम हाउस की प्रक्रिया गति पर है। डीप फ्रीजर समेत जरूरी उपकरणों की खरीदारी की जा रही है। अगले दो महीनों में यहां भी पोस्टमार्टम शुरू होने की उम्मीद है।