लखनऊ। निशातगंज स्थित जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) परिसर में शनिवार को वार्षिक कला प्रदर्शनी एवं रंगोत्सव-2026 का आयोजन किया गया। प्रदर्शनी में पारंपरिक और आधुनिक नवाचार के साथ कला व रचनात्मकता का अनूठा संगम देखने को मिला।
परिषदीय विद्यालयों के शिक्षकों के साथ-साथ डायट एवं निजी डीएलएड संस्थानों के प्रशिक्षुओं ने अपनी कल्पनाशीलता और रचनात्मकता का प्रभावशाली प्रदर्शन किया। विभिन्न कलाकृतियों के माध्यम से उन्होंने शिक्षण को रोचक बनाने के नए आयाम प्रस्तुत किए।
उप शिक्षा निदेशक एवं प्राचार्य राम प्रवेश ने कहा कि कला केवल अभिव्यक्ति का माध्यम नहीं, बल्कि शिक्षण प्रक्रिया को प्रभावी और आकर्षक बनाने का सशक्त उपकरण भी है। उन्होंने शिक्षकों और भावी शिक्षकों (प्रशिक्षुओं) के नवाचारी प्रयासों की सराहना की।
प्रदर्शनी में कुल सात स्टॉल लगाए गए, जिनमें दो स्टॉल डायट प्रशिक्षुओं और पांच स्टॉल जनपद के विभिन्न प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों के शिक्षकों द्वारा लगाए गए थे।
पारंपरिक कला के अंतर्गत मधुबनी चित्रकला के जीवंत और सूक्ष्म नमूने प्रस्तुत किए गए, वहीं आधुनिक विधाओं में ऑयल पेंटिंग और अनाज से बनी सूक्ष्म ग्रेन आर्ट आकर्षण का केंद्र रहीं। नवाचार के तहत अनुपयोगी वस्तुओं से तैयार क्राफ्ट और शिक्षण सहायक सामग्री ने भी दर्शकों का ध्यान खींचा।
निर्णायक मंडल ने कलाकृतियों का सूक्ष्म मूल्यांकन कर उत्कृष्ट कृतियों और विशेष क्राफ्ट मॉडलों का चयन किया। चयनित कृतियों को राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। इस अवसर पर शिक्षकों और प्रशिक्षुओं ने एक-दूसरे के कार्यों से प्रेरणा ली और कला उत्सव का भरपूर आनंद उठाया।
डायट परिसर में वार्षिक कला प्रदर्शनी एवं रंगोत्सव का आयोजन हुआ।
डायट परिसर में वार्षिक कला प्रदर्शनी एवं रंगोत्सव का आयोजन हुआ।
डायट परिसर में वार्षिक कला प्रदर्शनी एवं रंगोत्सव का आयोजन हुआ।
डायट परिसर में वार्षिक कला प्रदर्शनी एवं रंगोत्सव का आयोजन हुआ।
डायट परिसर में वार्षिक कला प्रदर्शनी एवं रंगोत्सव का आयोजन हुआ।