मोहनलालगंज। नंदौली गांव में पंचायत भवन के सामने सरकारी जमीन पर रखी गुमटी के विरोध में धरने पर बैठीं महिला ग्राम प्रधान का संघर्ष रंग लाया है। आखिरकार तहसील प्रशासन को झुकना पड़ा। मंगलवार को धरने पर बैठीं ग्राम प्रधान से एसडीएम व एसीपी ने मिलकर शिकायती पत्र लिया और गांव में गुमटी के साथ ही सभी अवैध कब्जे हटाने का आश्वासन दिया। इसके बाद धरना समाप्त हो गया। एसडीएम ने जांच के लिए राजस्व विभाग व पुलिस की संयुक्त टीम बनाई है।
आरोप है कि इलाके के गांव नंदौली में तीन हिस्ट्रीशीटर भाइयों ने गांव के पंचायत भवन के गेट पर सरकारी जमीन पर गुमटी रखकर कब्जा कर लिया था। इसे हटाने की मांग को लेकर ग्राम प्रधान रीना सिंह ने 17 जून को ब्लाॅक कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन किया था, जिसके बाद राजस्व व पुलिस ने 18 जून को गुमटी हटवा दी थी। इसके 10 दिन बाद ही सत्ता पक्ष से जुड़े नेताओं की सह पर हिस्ट्रीशीटर भाइयों ने पंचायत भवन के सामने दोबारा गुमटी रखकर अवैध कब्जा कर लिया था।
कार्रवाई ने होने से नाराज ग्राम प्रधान रीना सिंह अपनी महिला समर्थकों व ग्राम प्रधानों को लेकर सोमवार को तहसील पर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गई थीं। मंगलवार को एसडीएम पवन पटेल व एसीपी रजनीश वर्मा धरने पर बैठीं महिला ग्राम प्रधान से मिले। इस दौरान उनसे शिकायती पत्र लेकर कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद धरना समाप्त कर दिया गया। एसडीएम ने नायब तहसीलदार निगोहां की अगुवाई में राजस्व व पुलिस टीम का गठन किया है।
एसडीएम पवन पटेल ने आश्वासन दिया कि ग्राम प्रधान की होर्डिंग को कुल्हाड़ी से काटने व फाड़ने वाले हिस्ट्रीशीटर भाइयों पर केस दर्ज किया जाएगा। एसडीएम के मुताबिक, नंदौली में सरकारी जमीन पर कब्जे की कई शिकायतें मिली हैं। टीम बनाकर जांच कराई जाएगी। गांव में जितने भी अवैध अतिक्रमण हैं, हटाए जाएंगे।