एक कैमरे के फुटेज में बच्ची अपनी हमउम्र बच्चे के साथ खेलती और दूसरे कैमरे में अकेले जाते नजर आई है। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि दरिंदे ने पहचान खुलने के डर से उसकी हत्या करके शव झाड़ियों में फेंका। पावरहाउस के पीछे मैदान में बैठकर गांजा-स्मैक पीने वाले लोग भी आसपास के ही बताए जा रहे हैं।
रूटचार्ट तैयार करके चश्मदीद खोजने निकले सीओ
क्षेत्राधिकारी दुर्गा प्रसाद तिवारी ने बच्ची के घर से लेकर बंधा रोड के किनारे पावरहाउस के पीछे झाड़ियों तक उसके पहुंचने का रूटचार्ट तैयार किया। वह सोमवार सुबह बच्ची के घर पहुंचे। माता-पिता व रिश्तेदारों को दिलासा देने के साथ पड़ोसियों से बातचीत करते हुए झाड़ी तक पैदल भ्रमण किया। इस दौरान इलाके में रहने वालों व दुकानदारों को विश्वास में लेने के साथ उन्हें अपना मोबाइल नंबर नोट कराया। क्षेत्राधिकारी का कहना है कि कुछ दूरी पर मजलिस में भी इलाके के ही लोग गए थे। ऐसे में किसी न किसी ने बच्ची को किसी के साथ या अकेले बंधा रोड की तरफ जाते जरूर देखा होगा। क्षेत्राधिकारी ने सूचना देने वाले का नाम उजागर न करने और इनाम का आश्वासन दिया।
बच्ची के पिता ने पुलिस को बताया कि उसके भाई व कई रिश्तेदार आसपास रहते हैं। बच्ची ने शनिवार देर शाम मजलिस में जाने की बात कही थी। इसके चलते वह पत्नी व अन्य बच्चों के साथ सो गया। भोर में 3:30 बजे पत्नी ने बच्ची का बिस्तर खाली देखकर घर के बाहर जाकर आवाज दी। कोई नतीजा न निकलने पर पति को जगाया। इसके बाद रिश्तेदारों के घरों में ढूंढने निकले। फिर सोचा कि मजलिस से लौटने के दौरान बच्ची रास्ता भटक गई होगी। घंटाघर तक उसकी तलाश की। कुछ पता न चलने पर सतखंडा चौकी गए। वहां से थाने का रास्ता दिखा दिया गया।
घूस मांगने वाले होमगार्ड की बर्खास्तगी की सिफारिश
क्षेत्राधिकारी चौक ने बताया कि बच्ची के परिवारीजनों ने ठाकुरगंज थाने के गेट पर पुलिसकर्मियों द्वारा अभद्रता, बाइक पकड़ने और रिश्वत मांगने का आरोप लगाया था। छानबीन में होमगार्ड प्रदीप कुमार का नाम उजागर हुआ। उसे बर्खास्त करने के लिए जिला कमांडेंट को पत्र लिखा जा रहा है।
कातिल की गिरफ्तार न होने से इलाके में रोष
बच्ची से दरिंदगी के बाद हत्या की वारदात से इलाके के लोग आक्रोशित व सहमे हुए हैं। कातिल की दूसरे दिन भी गिरफ्तारी न होने से नागरिकों में गुस्सा बढ़ रहा है। पुलिस पर गश्त में लापरवाही और नशे का धंधा करने वालों से साठगांठ का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की है। पीड़ित परिवार को दिलासा देने पहुंचे विभिन्न संगठनों के लोगों ने भी इलाके में गांजा, चरस, स्मैक की बिक्री करने वालों की धरपकड़ और नशेड़ियों के खिलाफ अभियान चलाने की मांग की है।