लखनऊ के हाजी कॉलोनी में जिस संदिग्ध आतंकी सैफुल्लाह को मंगलवार देर रात यूपी एटीएस ने मार गिराया, उसके निशाने पर बाराबंकी के देवा शरीफ समेत राजधानी के कुछ दरगाह व इमामबाड़ा भी थे।
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सैफुल्ला और कानपुर से पकड़े गए उसके दो साथी देवाशरीफ में 27 मार्च को उर्स मेले में जुटने वाली भीड़ को निशाना बनाने की बड़ी साजिश रच रहे थे।
यह खुलासा दोनों संदिग्ध आतंकियों से पूछताछ और सैफुल्लाह के पास बरामद सामान से हुआ है। इस खुलासे के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने बुधवार को दरगाह क्षेत्र में चप्पे-चप्पे की तलाशी ली।
भोपाल-उज्जैन एक्सप्रेस में किया था ब्लास्ट
आतंकी से ऑपरेशन के दौरान ली गई एक तस्वीर
- फोटो : amar ujala
एडीजी कानून-व्यवस्था दलजीत सिंह चौधरी ने बताया कि तेलंगाना पुलिस से सूचना मिली थी कि हाजी कालोनी में मोहम्मद सैफुल्लाह नाम का संदिग्ध आतंकी रह रहा है।
उसके कुछ साथियों ने मध्य प्रदेश में भोपाल उज्जैन एक्सप्रेस में ब्लास्ट किया है। इस सूचना के बाद पूरे ऑपरेशन को अंजाम दिया गया। संदिग्ध आतंकी सैफुल्लाह को जिंदा पकड़ने की कोशिश की गई, लेकिन 12 घंटे की मुठभेड़ में वह मारा गया।
सीरिया या आईएस से संपर्क की पुष्टि नहीं : दलजीत
दलजीत चौधरी ने बताया कि सैफुल्लाह का सीरिया या आईएस के किसी बड़े आतंकी संगठन से संपर्क की पुष्टि नहीं हुई है।
उन्होंने दावा किया कि इंटरनेट व सोशल मीडिया के जरिए सैफुल्लाह आईएस के संपर्कमें आया और उनका साहित्य पढ़कर साथियों के साथ आईएस का खुरासान माड्यूल बना लिया। सैफुल्लाह के कमरे से आईएस से संबंधित लिट्रेचर भी मिले हैं।
सैफुल्ला के पास से भारी मात्रा में मिले विस्फोटक
एनकाउंटर में ढेर हुए सैफुल्लाह के कमरे से मुंगेर की बनी .32 बोर की आठ पिस्टल, 630 जिंदा कारतूस, .32 बोर का 71 खोखा बरामद हुआ है।
इसके अलावा 45 ग्राम सोना, 3 मोबाइल फोन, विभिन्न बैंको की चेक बुक, एटीएम कार्ड, पैन कार्ड और अतीक, दानिश और सैफुल्लाह के पासपोर्ट और एक बाइक बरामद किए हैं।
साथ ही डेढ़ लाख रुपये और कुछ सऊदी मुद्रा रियाल बरामद हुआ है। विस्फोटक देखकर एक बार तो सुरक्षाकर्मियों के पांव भी ठिठक गए।
सुरक्षा एजेंसियों ने देवा शरीफ के चप्पे चप्पे की ली तलाशी
सुरक्षा एजेंसियों ने बुधवार को देवा शरीफ दरगाह के आस-पास चप्पे-चप्पे की तलाशी ली। देवा शरीफ दरगाह पर मुस्लिमों के साथ-साथ हिंदू धर्म के लोग भी चादर चढ़ाने आते हैं। आईएस मजार पर चादर चढ़ाने और मूर्ति पूजा को हराम मानता है।
एडीजी कानून व्यवस्था के मुताबिक कानपुर से पकड़े गए फैसल खां और मो. इमरान ने पूछताछ में बताया कि आईएस का कानपुर-लखनऊ खुरासान मॉड्यूल संदिग्ध आतंकी आतिफ मुजफ्फर ने तैयार किया था।
आतिफ को मंगलवार को मध्यप्रदेश में भोपाल-उज्जैन पैसेंजर में ब्लास्ट करने के आरोप में उसके दो साथियों के साथ गिरफ्तार गिया गया था। आतिफ कानपुर के जाजमऊ का रहने वाला है। आतिफ के गिरोह में करीब एक दर्जन लोग जुड़े हैं। इनमें से ज्यादा कानपुर के हैं।
सूत्रों के अनुसार इस ग्रुप में कानपुर का जीएम खां सेकंड मैन था। इसमें अजहर खलीफा, मोहम्मद फैसल खां और इमरान शामिल था। इमरान फैसल का साला है।
सैफुल्ला, दानिश और हुसैन आतिफ के लिए काम कर रहे थे। सैफुल्ला का काम लखनऊ में आईएस से जुड़ने वाले युवाओं को ट्रेनिंग देना था। इसके अलावा फकरे आलम और रॉकी रानावत अजहर को असलहे उपलब्ध कराते थे।