गिरफ्तार हुए आतंकी फैजान ने पूछताछ में कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। वह आईएसआई के संपर्क में भी था।
आईएसआई के संपर्क में आकर आईएम के सदस्यों की मदद करने से पहले फैजान अहमद इंटरनेशनल डॉन अबू सलेम के लिए काम करता था।
सलेम के पकड़े जाने के बाद वह आईएसआई के संपर्क में आया और फिर इंडियन मुजाहिदीन के सदस्यों का मददगार बन गया। वह उन्हें हर तरह की मदद मुहैया कराने लगा।
फैजान जब सलेम के लिए काम करता था तब उसके पास एक ही लांड्री थी और उसका गुजर बसर मुश्किल से हो रहा था। बाद में जब वह आईएसआई के संपर्क में आया तो उसकी माली हालत में जबर्दस्त सुधार हुआ।
कुछ ही वर्षों में वह करोड़ों का आसामी हो गया। उसकी लांड्रियों की संख्या चार तक पहुंच गई। उसने होटल भी खोल लिए।
करता था आतंकियों की मदद
एक सफल व्यवसायी होने की आड़ में वह जो काम करता रहा, उसके बारे में अब उससे पूछताछ हो रही है। फैजान ने इस दौरान अपना नेटवर्क खासा बढ़ा लिया और काठमांडू व बांग्लादेश तक में अपने एजेंट बनाए थे।
इन एजेंटों की मदद से भी आतंकियों की मदद की जाती थी। दुबई में रहकर पिछले कई साल से आतंकी गतिविधियों में लिप्त फैजान के बारे में पुख्ता जानकारी पिछले दिनों गिरफ्तार हुए यासीन भटकल व असदुल्ला से ही हो सकी।
इससे पहले दिल्ली के बटला हाउस कांड के बाद गिरफ्तार हुए आईएम आतंकी सलमान ने भी पूछताछ में बताया था कि बटला हाउस कांड के बाद जब वह और उसके अन्य साथी भागे थे तब दुबई के एक व्यक्ति ने उनकी मदद की थी।
लेकिन सलमान ने फैजान का कोई और ही नाम बताया था। इस वजह से जांच एज़ेंसियां फैजान के बारे में अधिक जानकारी नहीं जुटा सकी थीं।
रॉ और आईबी को मिली जानकारी
रॉ व आईबी को इतना तो पता चला था कि संयुक्त अरब अमीरात में कुछ लोग ऐसे हैं जो आतंकियों के मददगार हैं और हवाला के जरिये आतंकियों को रकम मुहैया कराने के साथ ही उनके लिए पासपोर्ट व असलहों तक की व्यवस्था करते हैं।
जब यासीन और असदुल्ला से पूछताछ हुई तब फैजान की असलियत सामने आई और जांच एजेंसियों ने उसके खिलाफ रेड कार्नर नोटिस जारी करवाकर उसका प्रत्यर्पण कराने में कामयाबी हासिल कर ली।
सूत्रों के अनुसार बटला हाउस कांड के बाद आजमगढ़ से आईएम के जो पांच-छह सदस्य भाग निकले थे, फैजान ने उनकी भी मदद की थी। इनमें डॉ. शहनवाज, खालिद, बड़ा साजिद, आरिज उर्फ जुनैद आदि शामिल थे।
एटीएस की जानकारी में आया है कि फैजान ने इन लोगों को पहले शारजाह बुलाकर ठहराया, फिर पासपोर्ट आदि दिलाकर पाकिस्तान से ओमान तक भिजवाने का इंतजाम किया। दिल्ली गई एटीएस टीम फैजान से उन्हीं आईएम आतंकियों के बारे पूछताछ करेगी।