केंद्रीय खुफिया एजेंसियों ने एक बार फिर उत्तर प्रदेश के तीन प्रमुख धार्मिक स्थलों अयोध्या, मथुरा व काशी पर आतंकी खतरे की चेतावनी दी है।
लोक सभा चुनाव शुरू होने के समय से ही केंद्रीय खुफिया एजेंसियों को आतंकी संगठनों के ऐसे मंसूबों के बारे में लगातार इनपुट मिल रहा है।
इसके मद्देनजर केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से गुरुवार को दिल्ली में बुलाई गई बैठक में प्रदेश के प्रमुख सचिव गृह दीपक सिंघल व डीजीपी एएल बनर्जी शामिल हुए।
आतंकी संगठनों की सक्रियता बढ़ी
सूत्रों के अनुसार लोकसभा चुनाव के नतीजों और केंद्र में नई सरकार का गठन होने के बाद आतंकी संगठनों की सक्रियता बढ़ने की जानकारी केंद्रीय खुफिया एजेंसियों को मिली है।
भाजपा को यूपी में मिली सफलता और प्रधानमंत्री का संसदीय क्षेत्र भी यूपी में होने की वजह से आतंकी अब यूपी के धार्मिक स्थलों व ताजमहल जैसे कुछ प्रमुख स्थलों को निशाने पर लेने के चक्कर में हैं।
पिछले दिनों आतंकियों के एक संदेश को टेप करने पर केंद्रीय खुफिया संगठनों को इसका पता चला।
इसके बाद केंद्रीय खुफिया एजेंसी ने एक बार फिर उत्तर प्रदेश के तीन प्रमुख धार्मिक स्थलों अयोध्या, मथुरा व काशी के आतंकियों के निशाने पर होने की बाबत सचेत किया है।
खुफिया एजेंसी ने दी चेतावनी
खुफिया एजेंसियों ने कहा है कि आतंकी संगठन इन जगहों में से कहीं भी वारदात करने की कोशिश कर सकते हैं।
ऐसे में अतिरिक्त सतर्कता बरते जाने की ताकीद की गई है। तीनों धार्मिक स्थलों पर बनाए जाएंगे विशेष कंट्रोल रूम सूत्रों के अनुसार केंद्रीय गृह मंत्रालय ने भी यूपी के प्रमुख सचिव गृह व डीजीपी को इस बाबत सचेत किया।
आईजी कानून-व्यवस्था अमरेंद्र सेंगर ने बताया कि बैठक में तीनों धार्मिक स्थलों की सुरक्षा व्यवस्था और सुदृढ़ किए जाने का फैसला हुआ।
इस तरह होगी सुरक्षा व्यवस्था
तीनों धार्मिक स्थलों की सुरक्षा के लिए एक अलग विशेष पुलिस नियंत्रण कक्ष बनाया जाएगा, जिससे सीसीटीवी कैमरे, कंप्यूटर व माइक्रोफोन आदि जुड़े रहेंगे।
सुरक्षाकर्मी भी लगातार संपर्क में रहेंगे। इन नियंत्रण कक्षों से उच्च अधिकारी भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये जुड़ सकेंगे, ताकि आपात स्थिति में जरूरी निर्देश दिए जा सकें।
केंद्र सरकार प्रदेश की लचर कानून व्यवस्था को देखते हुए इस मामले में कोई ढिलाई नहीं चाहता है। वहीं भाजपा ने सत्ता संभालने से पहले भी देश की सुरक्षा के लिए बड़े बड़े वादे किए थे।