कानून-व्यवस्था को लेकर घिरी अखिलेश सरकार ने अपराध रोकने के लिए ऐसी व्यवस्था का निर्माण किया है। बिना फरियाद ही पुलिस घटनास्थल पर पहुंचेगी।
लखनऊ, इलाहाबाद और गाजियाबाद में अत्याधुनिक पुलिस कंट्रोल रूम कुछ ही दिनों में तैयार हो जाएंगे। हर नियंत्रण कक्ष के साथ 45-45 दोपहिया व चार पहिया वाहन जुड़े रहेंगे।
इनके अमल में आने के बाद शहर में पुलिस व्यवस्था और चौकस होगी। यहां शिकायत करने वाले पीड़ित को थाने तक जाकर फरियाद नहीं करनी होगी, बल्कि पुलिस उसके पास ही पहुंचेगी।
इन तीन महानगरों के अत्याधुनिक पुलिस नियंत्रण कक्षों से हालांकि, सौ से अधिक वाहन जोड़ने की योजना है, लेकिन शुरुआती दौर में 45 चार पहिया व 45 दोपहिया वाहनों को जोड़ा जा रहा है।
पुलिस कर्मी नॉन लीथल वीपन से होंगे लैस
चार पहिया वाहनों में इस बार स्कार्पियो खरीदी गई है। इन वाहनों में सवार पुलिस कर्मी नॉन लीथल वीपन से लैस होंगे।
उन्हें इन हथियारों और इनके जरिये अपराधियों से निपटने व आपात स्थिति से निपटने का प्रशिक्षण भी दिलाया जाएगा ताकि मौके पर कोई चूक न हो सके।
अधिकारियों के अनुसार इन वाहनों की खरीद भी हो चुकी है। पुलिस नियंत्रण कक्षों पर आने वाले व्यय के साथ ही सूबे के अन्य जिलों में पुलिस के लिए आधुनिक उपकरण व अन्य संसाधन मुहैया कराने के लिए 250 करोड़ रुपये स्वीकृत हुए हैं।
पुलिस अफसरों के अनुसार आधुनिक नियंत्रण कक्षों से जो वाहन जुड़े होंगे वे सब जीपीएस (ग्लोबल पोजीशनिंग सिस्टम) प्रणाली से युक्त होंगे। इससे नियंत्रण कक्षों की स्क्रीन पर उनकी शहर में लोकेशन दिखती रहेगी।
कंट्रोल रूम से मिलेंगे निर्देश
कंट्रोल रूम में आने वाली शिकायत के आधार पर इसमें बैठे पुलिसकर्मी यह जान सकेंगे कि शिकायतकर्ता के घर या घटनास्थल के सबसे नजदीक कौन सा वाहन मौजूद है।
इस तरह पुलिस सूचना मिलने के चंद मिनट बाद ही मौके पर पहुंच सकेगी। अफसरों का कहना है कि रिस्पांस टाइम बेहतर होने के साथ ही अपराधियों के खिलाफ एक्शन में भी तेजी आ सकेगी।
मौके पर पहुंचे पुलिसकर्मी इसके बाद कंट्रोल रूम को यह जानकारी दे सकेंगे कि वारदात करने के बाद अपराधी किस रंग के वाहन से किस ओर भागे हैं।
भागने वाले अपराधियों को दबोचने के लिए कंट्रोल रूम से आस-पास मौजूद वाहनों के जरिये प्रभावी घेराबंदी की जा सकेगी।
जुलाई तक तैयार हो जाएंगे कंट्रोल रूम
अधिकारियों के अनुसार तीनों ही नियंत्रण कक्षों के जुलाई अंत तक तैयार हो जाने की उम्मीद है। इसके बाद आगरा व वाराणसी में अत्याधुनिक पुलिस नियंत्रण कक्ष बनाए जाने हैं। कानपुर में ऐसा कंट्रोल रूम कुछ दिनों पहले ही तैयार किया जा चुका है।
इस पर इलाहाबाद पुलिस मुख्यालय के अपर पुलिस महानिदेशक सूर्य कुमार शुक्ला का कहना है कि ‘अत्याधुनिक पुलिस नियंत्रण कक्ष के प्रभावी होने के बाद काफी असर दिखेगा। शिकायत करने वाले को पुलिस के पास जाने की जरूरत नहीं होगी।
वह फोन से शिकायत करेगा और पुलिस उसके पास पहुंच जाएगी। वह भी कुछ ही मिनटों में। इन तीनों पुलिस कंट्रोल रूम के जल्दी तैयार हो जाने की संभावना है।
इसके बाद आगरा व वाराणसी में ऐसे ही कंट्रोल बनाए जा रहे हैं। वाहनों की खरीद हो चुकी है और बाकी उपकरण व संसाधन भी जुटा लिए गए हैं।’